11 अगस्त को साल 2018 का अंतिम सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार ऐसा प्रेगनेंट महिला का सूर्य ग्रहण देखना अशुभ माना जाता है। कहा जाता है,(विभा नहीं कह रही) कि यदि कोई प्रेगनेंट महिला सूर्य ग्रहण देख ले तो उसका बुरा असर सीधा उसके गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है।
मान्यता है कि ग्रहण खत्म होने के बाद गर्भवती महिला को जरूर नहा लेना चाहिए वरना उसके शिशु को त्वचा संबधी रोग लग सकते हैं। गर्हण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिला को तुलसी का पत्ता जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए।
ग्रहण के दौरान प्रेगनेंट महिलाओं को किसी भी तरह की नुकीली चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जैसे इस दौरान फल या सब्जी काटने के लिए मना किया जाता है। कहते हैं ऐसा करने से उसके शिशु के अंगों को हानि पहुंच सकती है।
ग्रहण के दौरान प्रेगनेंट महिलाओं को कैंची न इस्तेमाल करने की भी हिदायत दी जाती है। माना जाता है कि इस दौरान कैंची का इस्तेमाल करने से उसके होने वाले शिशु के होंठ कट जाते हैं।
ग्रहण के दौरान सुई का इस्तेमाल करने से गर्भ में पल रहे बच्चे के दिल में छेद हो सकता है। इसके अलावा ग्रहण के वक्त गर्भवती महिलाओं को पीनी पीने से भी मना किया जाता है। कहते हैं इससे शिशु की त्वचा रूखी हो सकती है।
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आपका हम-क़दम का इक्तीसवाँ क़दम
इस सप्ताह का विषय है
'शहीद'
...उदाहरण...
दरवाजे की चौखट पर
राह तकती, वो दो निगाहें,
अपनी सिलवटों का दर्द बयां कर रही है,
हर लम्हा पदचाप की सुधियां तलाश रही हैं।
कलेजा हथेली पर, सांसे घूमी-फिरी सी,
तारीखें मौन पसराए,आशाओं में झुरझुरी सी।
सूखे आंसू और दिल हाहाकार कर रोता है,
जब तिरगें में लिपटा,
किसी जवान का ज़नाज़ा होता है !!!
-निशा माथुर
उपरोक्त विषय पर आप को एक रचना रचनी है
अंतिम तिथि :: आज शनिवार 11 अगस्त 2018
प्रकाशन तिथि 13 अगस्त 2018 को प्रकाशित की जाएगी ।
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फिर मिलेंगे....