निवेदन।


फ़ॉलोअर

क्रमांक - 38 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
क्रमांक - 38 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 25 अगस्त 2015

किसी ने देगची पर चढ़ाये शब्द .....अंक अड़तीस

जिन्दगी में 
दो चीजें 
कभी मत कीजिए .....
झूठे आदमी के साथ प्रेम 
और 
सच्चे आदमी के साथ गेम ।...

ये रही आज की पसंदीदा रचनाओं के सू्त्र....

















प्रतिभा की दुनिया में..
किसी ने दाल पकाई 
किसी ने मुर्ग
किसी ने देगची पर चढ़ाये शब्द 
जिसको जैसी आंच मिली 
उसकी वैसी बनी रसोई 





आलोक चान्टिया जी के ब्लाग से
भूत आदमी से ,
काफी अच्छा साबित ,
हो रहा है |
बलात्कार , छेड़छाड़ ,
उसे आज भी परहेज ,
हो रहा है


रंग-ए-जिंदगानी में.........
बहन वहीं जो ये कहें,  
मातृभूमि मान बढाना तुम्हें राखी की कसम है।
पिता वहीं जो ये कहें,  
रण में लड़ना ही तुम्हारा कर्म और धर्म है।


रचना रवीन्द्र से..
वाह...वो रंग बिरंगे
पालीथीन   
लाल, हरे, नीले, पीले, बैंगनी 
मिनटों में चट
मानों सफाई कर्मचारियों का दल था 
नहीं जानती 
कहाँ सहेजेंगे ये लोग 
इतनी दुआओं को.


और अंत में....

अंकल ...चंदा दो... कतर ब्योंत में
'पत्नी को देखते ही गुंडा नुमा नेता ने झुककर उनके चरण स्पर्श करते हुए कहा, 'आंटी..देखिए न! हजार-पांच सौ रुपये के होली के चंदे के लिए अंकल किस तरह हुज्जत कर रहे हैं। आप समझाइए न इनको।

आज्ञा दीजिए...
यशोदा



















Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...