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शनिवार, 4 अप्रैल 2026

4702 सबमें अपनेपन की माया अपने पन में जीवन आया

 सादर अभिवादन


ये है छत्तीसगढ़ की पावन धरा के महादानी
दीवान बहादुर रायसाहब दाऊ  कल्याण सिंह जी रायपुर 
शहर का प्रतिष्ठित डी. के. हॉस्पिटल इन्ही के नाम पर है
आज आपकी जयन्ती है


सबमें अपनेपन की माया
अपने पन में जीवन आया 
-त्रिलोचन


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हैं रेल-पेल भी फिर ना जाने 
कितनी कथाओं की, 
आरतियों की, व्रतों की,
मन्दिरों की, मूर्तियों की, 
पर सर्वोपरि बन,
सर्वत्र है छाया आज 
"जै जै जै हनुमान गोसाईं"
पर रहे ना हम सब अब भाई-भाई,
क्योंकि ..
हो गया है मानव-मानव में ..




इंस्पेक्टर ने प्रिया को कहा, “आपको कुछ देर के लिए पुलिस स्टेशन आना पड़ेगा. 
हमने आपकी सूचना दर्ज कर ली थी. आपको आकर दस्तखत करने होंगे. 
फिर हम उसे एफआईआर के रूप में दर्ज कर आपको उसकी एक प्रति दे देंगे.

प्रिया अपने ही ऑटो से पुलिस स्टेशन पहुँची, कुछ देर बाद ही राहुल और आदित्य भी पहुँच गए. 
इंस्पेक्टर ने सूचना पर प्रिया के हस्ताक्षर लिए फिर एफआईआर दर्ज कर उसपर और एक प्रति प्रिया को दी. 
फाइल देखकर उसने कहा, “जयपुर का पुराना रिकॉर्ड, मुम्बई में फेक प्रोफाइल का मामला और 
अब स्टॉकिंग का नया मामला... इस बार विक्रांत साहब का बिना सजा काटे जेल से बाहर आना मुश्किल होगा. 
प्रिया, राहुल ओर आदित्य बाहर आए. राहुल ने प्रिया से पूछा, “अब?”

“अब क्या? अब मेवाड़ भोजनालय चलना है, सब वहाँ प्रतीक्षा कर रहे होंगे. आज डिनर वहीं होगा.”




“मैं भी बहुत अजीब हूँ, इतना अजीब हूँ कि बस
खुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं।”

“इलाज ये है कि मजबूर कर दिया जाऊँ,
वरना यूँ तो किसी की नहीं सुनी मैंने।”

“बहुत नज़दीक आती जा रही हो,
बिछड़ने का इरादा कर लिया है क्या?”



बाहर बिजलियों की कड़कड़ाहट और बादलों के गरजने के
साथ ही तेज मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी था।
भीतर प्यार की खुमारी और जुनून अपने परवान पर था।
ईशान, सौम्या के साथ अपने बेडरूम में था और सौम्या की गर्म सांसों को करीब से..
बहुत करीब से महसूस कर रहा था।

उनके चेहरे एक दूसरे के इतने करीब थे कि हवा भी उनके बीच से गुजर कर नहीं जा पा रही थी।






विश्व भर में हलचल मची,
डगमग हर एक राह,
मंदी की आहट संग जगी,
स्थिरता की चाह।


सादर समर्पित
सादर वंदन

9 टिप्‍पणियां:

  1. सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
    वंदन

    जवाब देंहटाएं
  2. सुन्दर प्रस्तुति। सार्थक अंक। चयनित रचनाकारों को हार्दिक बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  3. जी ! .. सुप्रभातम् सह सादर नमन संग हार्दिक आभार आपका .. इस मंच तक हमारी बतकही को लाने के लिए ...🙏

    जवाब देंहटाएं
  4. आज की आपकी भूमिका में दो महत्वपूर्ण बातें .. एक तो .. सबमें अपनेपन की माया
    अपने पन में जीवन आया - त्रिलोचन
    आगे ... जग सारा है बस मोह-माया।
    दूसरी बात अति महत्वपूर्ण है, कि हम बहुत सारे गुमनाम लोगों की महानता से ताउम्र अनभिज्ञ रह जाते हैं। क्योंकि हमारे जानने की एक सीमा है और सीमित श्रोत हैं। चंद पुस्तकें और चंद बतलाने वाले। अब तो गूगल भी है, पर कुछ बातें हम जानना ही नहीं चाहते .. शायद ...
    दाऊ कल्याण सिंह जी को मन से नमन।
    हमारे देश के पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के लिए अपनी पैतृक सम्पत्ति दान करने वाली और उसके निर्माण में अन्य कई योगदान देने वाली स्वतंत्र भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर जी को भी कम ही श्रेय दिया गया। मात्र एक ओपीडी उनके नाम से है .. शायद ...

    जवाब देंहटाएं
  5. सुप्रभात! सुंदर भूमिका और पठनीय लिंक्स!

    जवाब देंहटाएं
  6. सुन्दर संकलन, इसमें अनवरत की पोस्ट जोड़ने के लिए आभार.

    जवाब देंहटाएं

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