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बुधवार, 4 मार्च 2026

4671..रंगों की आत्मगाथा

।।भोर वंदन।।



" तो बस इस बार 

फेंकना अमन का गुलाल 

कि सलामत रहे हर माँ का लाल 

सब के हिस्से रहे आसमान नीले 

हों निर्धन की बिटिया के हाथ पीले 

घाव भर जाएं सब जो हैं अभी हरे 

होली जीवन मे शान्ति का रंग भरे ।।"


होली की बहुत बहुत शुभकामनाएं.


- बुशरा तबस्सुम 

होली के दौरान  बजने वाले होली गीत.. के साथ 



ट्रम्प जोगीरा

जोगीरा

आपस में ही लड़वाकर के, बेचे खुद हथियार।

युद्ध कराकर नोबेल चाहे, सामन्ती सरदार।।

जोगीरा सा रा रा रा


पल-पल में ये बोली बदले, बदले अपना भाव।

खुद को तानाशाह समझता, देता टैरिफ ताव।।

जोगीरा सा रा रा रा..

✨️

अबकी बार होली में

- मार्च 02, 2026

केसर रंग,रंग देना पिया अंग

अबकी बार होली में

फाग,चैती गाते बजाते मृदंग 

अबकी बार होली में ।


माथे पे रोली गाल गुलाल

कोरी चूनर कर देना लाल 

धो देना मन का मलाल 

अबकी बार होली में ।

✨️

होली: रंगों की आत्मगाथा 

फागुन की पहली आहट में,

जब पवन ने गुपचुप संदेश दिया,

धरती ने ओढ़ी गुलाल की चूनर,

अंबर ने भी हँसकर साथ लिया।

टेसू की डालों से टपका सूरज,

सरसों ने सोने सा गान किया,

✨️

रंग बरसे



रंगों का अब इंतजाम ..बस करों,

होली पे ये इल्जाम ..बस करों

शिकायत अबकी हम से न होगी,

सुर्ख़ आरिज़ के अंजाम..बस करों। .

✨️

।।इति शम।।

धन्यवाद 

पम्मी सिंह ' तृप्‍ति '..✍️


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