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मंगलवार, 6 सितंबर 2022

3508 ,,न उन राहों का पता, न उन दरक्तों की है खबर

सादर अभिवादन
मिदाग अभी काबू में नहीं
न लिखा जाएगा कुछ भी
और न ही पढ़ा जाएगा अब कुछ
बस रचनाएं देखें ...



यूं, बिछड़ कर, सदा जिक्र में जो रहे,
क्या हो, कल किसी राह में, अगर वो फिर मिले!
जग उठे, शायद, फिर वो ही अनबुने सपने,
जल उठे, फिर, अधबुझी सी वो शमां,
इक अंधेरी रात में!




तुम्हारा लौटना मोहता है,
जाना थोड़ा कठिन;
कितने आवेग होंठों पर ठहर जाते,
मानों लौट कर कोई नजर
छुप गई दिल के भीतर,
इस बार फूलों के नीचे सोते हुए तुम्हारा आना




“मुझे नहीं खानी कोई डुबकी-वुबकी ..,भूमि ने दृढ़ता से जवाब दिया ।”

 “यहाँ आकर भला बिना स्नान के कोई जाता है सब पाप गल जाते हैं तीर्थ स्नान से। पाण्डवों की बेड़ियाँ भी गल गई थी।पहाड़ों  में गोमुख से निकलता पानी बड़ा निर्मल और पवित्र है ।”




वाह रे! पढ़े लिखे मूर्खो.. गुलाम होते मूर्खों
स्वयं को समझ होशियार लेते हो
धूम्रपान के नशे का आधार
तुम्हारी गुलामी का इकरार ..
 कमजोर मानसिकता का
झूठा ..  जहरीला ... बदनुमा ... अंधकार ..
मार्डन कहलाने की लत जो लगी है




' ममा, जब मैं घोड़े पर चली जाऊँगी तब भी तुम ये सीढ़ियाँ मत हटाना,' एकाएक थोड़े उदास स्वर में तुलिका कह उठी|
'ऐसा क्यों कह रही बेटा,' ममा भी थोड़ी मायूस हो गई|
' यदि मैं खुद गिर गई, या उस राजकुमार ने धक्का देकर गिरा दिया तो मैं इन्हीं सीढ़ियों से वापस लौट सकूँगी, इन्हें हटाओगी तो नहीं न ममा', तुलिका सुबक उठी|



चलते - चलते पुनः शिक्षक दिवस की ओर



उसी नूर से जग उपजा है
कण-कण में अनरूप समाया,
जो चाहे आकार बना लें
बड़ी अनोखी उसकी माया !

उसके ही प्रतिनिधि बन जाएँ
निज क्षमता को कम न आंकें,
छुपी हुई हर प्रतिभा को अब
जीवन का उपहार मान लें !


आज बस

सादर 

12 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात
    बेहतरीन रचना संकलन एवं प्रस्तुति
    आदरणीया सादर

    जवाब देंहटाएं
  2. शुभ प्रभात
    अत्यंत सुन्दर सूत्रों से सजा संकलन
    मेरे सृजन को मंच पर साझा करने के लिए आपका हार्दिक आभार ।सादर..,

    जवाब देंहटाएं
  3. समस्त लेखाकारों व गुणीजनों को सादर नमन।।।।

    जवाब देंहटाएं
  4. एक से बढ़कर एक लिंक्स चयन
    उम्दा प्रस्तुति हेतु साधुवाद

    जवाब देंहटाएं
  5. सुन्दर सूत्रों से सजी पोस्ट! सभी रचनाकारों को बधाई| सभी लिंक देखे...आभार हमें भी शामिल करने के लिए !

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आभार....
      आपकी रचना आए या न आएं
      आपको आना ही होगा
      हमारा सर ऊँचा हो जाता है
      सादर नमन

      हटाएं
  6. एक साथ सारे लिंक्स यहाँ मिल गए । सार्थक चयन । आभार ।

    जवाब देंहटाएं
  7. सभी प्रस्तुतियां बेहतरीन सभी की लेखनी को नमन

    जवाब देंहटाएं
  8. सभी गुणी जनों को आभार, बेहतरीन सूत्र चयन

    जवाब देंहटाएं

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