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बुधवार, 15 सितंबर 2021

3152... क्षणभंगुर सा साथ...

 ।। भोर वंदन।।

"श्रृंगार न होगा भाषण से

सत्‍कार न होगा शासन से

      यह सरस्‍वती है जनता की

     पूजो, उतरो सिंहासन से

इसे शांति में खिलने दो

संघर्ष-काल में तपने दो

       हिंदी है भारत की बोली

       तो अपने आप पनपने दो"

गोपाल सिंह 'नेपाली'

कब तक होती रहेगी हिन्दी की मांग ,निज भाषा की कैसी मांग? दो अक्षरों में समस्त भाव ...अच्छा हो आगे दिवस मनाने या अधिकार मांगने की जरूरत ही न पड़े। चलिए अब नज़र डालते हैं आज की प्रस्तुतियों पर..✍️

पुरुष- उत्पीड़न


बहुत दुखद है कि मेरे कुछ स्टुडेंट्स का पत्नियों के द्वारा घोर उत्पीड़न हुआ है और मैं चाह कर भी कुछ भी मदद नहीं कर पाई

❄️❄️

जिस्म की चाह में रूह के रिश्ते तोड़े जा रही थी!

भागी तो वह अकेली थी 

उसे नहीं पता था 

कि वह अपने साथ 

बाकी लड़कियों के आंखों से 

उनके सुनहरे सपने 

छीन कर ले जा रही थी! 

खुद को तो आजाद कर रही थी 

पर बाकी लड़कियों को 

हमेशा के लिए चारदीवारी में 

कैद किए जा रही थी! 

गलती तो उसने की थी ..

❄️❄️

जो ठहर जाता है 
जीवन भर को
एक व्यक्तित्व
जो विलिन हो जाता है  
आपके व्यक्तित्व में 
एक क्षणभंगुर सा साथ
❄️❄️

तू मिले दिल खिले .. अनूप शंकर 

बदलते वक़्त के साथ एक शाम मेरे नाम में एक नया सिलसिला शुरु करने जा रहा हूँ और वो है मशहूर गानों को आज के कलाकारों द्वारा गाए जा रहे बिना आर्केस्ट्रा वाले अनप्लग्ड वर्सन का जो..

❄️❄️

ग़ज़ल - वो सफ़र में मिला नही होता

वो सफ़र में मिला नही होता।
दर्द    मेरा   हरा  नही  होता।

ज़िंदगी की पतंग भी उड़ती।
डोर  से  फ़ासला नही होता।
❄️❄️
।। इति शम ।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह 'तृप्ति:..✍️


10 टिप्‍पणियां:

  1. "श्रृंगार न होगा भाषण से
    सत्‍कार न होगा शासन से
    यह सरस्‍वती है जनता की
    पूजो, उतरो सिंहासन से
    इसे शांति में खिलने दो
    संघर्ष-काल में तपने दो
    हिंदी है भारत की बोली
    तो अपने आप पनपने दो"
    सुंदर आगाज
    आभार
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  2. हिंदी है भारत की बोली
    तो अपने आप पनपने दो"

    गोपाल सिंह 'नेपाली'
    –कवि को नमन
    उम्दा प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  3. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  4. अच्छी कविताएँ सम्मिलित की आपने। मेरी प्रविष्टि को स्थान देने का आभार..

    जवाब देंहटाएं
  5. सुप्रभात 🙏🙏🙏
    बेहतरीन प्रस्तुति मेरी रचना को चर्चामंच में जगह देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीय मैम🙏🙏

    जवाब देंहटाएं
  6. सुन्दर प्रस्तुति ….मेरी रचना को चर्चामंच में जगह देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद पम्मी जी !

    जवाब देंहटाएं
  7. सुंदर सराहनीय प्रस्तुति । बहुत शुभकामनाएं पम्मी जी ।

    जवाब देंहटाएं

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