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बुधवार, 13 मार्च 2019

1335..अपनो को देने खुशी अपनो संग चली हूं..



।।उषा स्वस्ति।।



"मैंने देखा

एक बूँद सहसा
उछली सागर के झाग से
रँगी गई क्षण भर
ढलते सूरज की आग से।

मुझको दीख गया :
सूने विराट् के सम्मुख
हर आलोक-छुआ अपनापन
है उन्मोचन
नश्वरता के दाग से!"
अज्ञेय

ये शब्द भी ,कई बातों को छिपाए रखती है..
मुझको दीख गया.. रचनाओं में बिखरी बतिया जिसे संजोने की कोशिश..तो लिंकों पे नजर डालें..✍
💐💐



मुग्ध हुआ मन मीरा का,  किया अहसासों का श्रृंगार 
होली के पावन पर्व पर ,नयन करे श्याम  का इंतज़ार |

हृदय अंकुरित प्रीत रंग , व्याकुल मन की पुकार 
बदरी बन बरसे प्रीत रंग, हो श्याम रंगों की बौछार

💐💐



आक्रोशित होता हूँ यदा कदा।
दुश्मनों ने गहरी घात की है,
आँसुओंकी मुल्क को सौगात दी है।
बैरियों का नाश हो,
दुखी दिल से निकलती है सदा
मत करो नारी की व्याख्या,
वह अनन्त है,
विस्तार है,
गीता सार है ...
शिव की जटा माध्यम बनती है,
तब जाकर वह पृथ्वी पर उतरती है ।
पाप का घड़ा भर जाए,
तो सिमट जाती है,
शनैः शनैः विलुप्त सी हो जाती

💐💐


सर्वोच्च न्यायालय का 
न्याय सुनो 
मख़मली भावों की 
ख़ूबसूरत क़ालीन बुनो 
22 वर्ष की आयु में 
मासूम बच्चे का अपहरण 
फिर हत्या कर डाली 
हां कतरा कतरा पिघली हूं मैं
फिर सांचे सांचे ढली हूं मैं
हां जर्रा जर्रा बिखरी हूं मैं
फिर बन तस्वीर संवरी हूं मैं  
अपनो को देने खुशी
अपनो संग चली हूं

बसंत को आने दो
बारिश बड़ी नादान तुम
बसंत के मौसम में
बिन बुलाई मेहमान तुम
बार-बार आ जाती हो
नहीं किसी को भाती हो
अब करो प्रस्थान तुम
बारिश बड़ी नादान तुम
💐💐
हम-क़दम का नया विषय
💐💐
।।इति शम।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह 'तृप्ति'…✍

14 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात..

    "मैंने देखा
    एक बूँद सहसा
    उछली सागर के झाग से
    रँगी गई क्षण भर
    ढलते सूरज की आग से।
    उम्दा रचनाएँ..
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर हलचल का संकलन 👌
    मुझे स्थान देने के लिए सहृदय आभार आदरणीया
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत खूबसूरत संकलन , सभी रचनाएँ एक से बढकर एक....।

    जवाब देंहटाएं
  4. वाह बहुत सुन्दर पम्मी जी भावभीनी भुमिका के साथ सुंदर प्रस्तुति ।
    उत्कृष्ट रचनाकारों के बीच स्वयं को देख आनंद हुआ ।
    सस्नेह आभार आपका।
    सभी रचनाकारों को बधाई ।

    जवाब देंहटाएं
  5. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत सुंदर संकलन। जबरदस्त भूमिका। उत्कृष्ट रचनाकारों के साथ मुझे भी स्थान मिला। बहुत अच्छा लगा। सभी रचनाकारों को बधाई। सादर।

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत सुंदर हलचल प्रस्तुति ,सादर नमस्कार पम्मी जे

    जवाब देंहटाएं
  8. सुंदर संकलन से सजी प्रस्तुति।

    कविवर अज्ञेय जी की सारगर्भित एवं भावपूर्ण काव्य पंक्तियों से प्रस्तुति का आग़ाज़।

    सभी चयनित रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
  9. सुन्दर प्रस्तुति।

    अनीता जी का चिट्ठा गूँगी गुड़िया नहीं मिल रहा है।
    Blog has been removed
    Sorry, the blog at poetryanita.blogspot.com has been removed. This address is not available for new blogs.

    जवाब देंहटाएं

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