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शनिवार, 21 जनवरी 2017

554 .... कोठागोई



सभी को यथायोग्य
प्रणामाशीष


भूख के आगे बेदम तन के मन को भभोरता साहूकार
भूख के आगे बेदम मन के तन को भभोरता साहूकार
भूख के आगे बेदम कोठी को कोठा बनाता चाटूकार
भूख के आगे बेदम कोठा को कोठी ले आता चाटूकार






"पढ़ कर आगे जाना है,
अपना दाग मिटाना ह,ै
रोक  नहीं पाएंगे अब कोई-
आया नया जमाना है"






 कृष्ण से अपनी चर्चा शुरू करना चाहूँगा?
आम परिभाषा से तो कृष्ण से ज्यादा चरित्रहीन कोई होना ही नहीं चाहिए था! पर उन्हें तो सम्पूर्ण पुरुष, जगत गुरु कहा गया. शादी शुदा राधा से उनका प्यार? हजारों गोपियों के संग उनका रास? अर्जुन को नरसंहार लिए तैयार करना? 








अतः शान्तियुक्त, ज्ञानवान, विज्ञानवान और समृद्धियुक्त भारतवर्ष व् विश्व के लिए चरित्रयुक्त ज्ञानवान, मानवतायुक्त विज्ञानवान तथा नैतिक व् पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने वाले व्यवसायी व् गृहस्थ की संख्या में उत्तरोतर वृद्धि करनी है। 







मांग का सिंदूर हाथों में मेहंदी का चलन नहीं बदला ।
मां का ममतामई आंचल दूध का रंग नहीं बदला ।
बहन का प्यार वो राखी का बंधन नहीं बदला ।
बेटियां आगन का फूल बाप के कंधों का बोझ नहीं बदला ।
 घर के चिरागों की खातिर अजन्माओं की हत्या का
 सिलसिला नहीं बदला ।
व्रत रखें कोई सावित्री, सीता की अग्निपरीक्षा का
 मंजर नहीं बदला ।







 रपट के मुताबिक़ पहली कक्षा से आठवीं कक्षा एक बहुत बड़ा भाग दूसरी क्लास की किताबें ठीक से नहीं पढ़ सकता है. शिक्षा पर अलाभकारी संस्था “ प्रथम” की वार्षिक रपट के अनुसार विगत 10 वर्षों में बहुत कम बदलाव आये हैं, खास कर ग्रामीण शिक्षा में. गाँव के सरकारी तथा निजी  स्कूलों के पहली क्लास के क्षत्रों से लेकर आठवीं कक्षा के छात्र कक्षा दो की पथ्य पुस्तक को सही सही नहीं पढ़ सकते हैं और ना अपनी उम्र के अनुरूप गणित के प्रश्न हल कर सकते हैं.


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फिर मिलेंगे  ....... तब तक के लिए

आखरी सलाम



विभा रानी श्रीवास्तव



5 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय दीदी
    शुभ प्रभात
    प्रस्तुति विशेष
    काबिले तारीफ
    धन्य हैं आप
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  2. आदरणीय आंटी...
    शुभदोपहर...
    आप की प्रस्तुति...
    हमेशा ही....
    अलग व विशेष होती है सब से...
    आभार आप का...

    जवाब देंहटाएं
  3. मेरी कविता को हलचल पर जगह देंने के लिए.............. आभार

    जवाब देंहटाएं
  4. सुंदर हलचल । आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद ।

    जवाब देंहटाएं

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