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गुरुवार, 12 मई 2016

300....आज हर्ष हो रहा है तीन सौवीं प्रस्तुति बनाते हुए

सादर नमस्कार
आज हर्ष हो रहा है
तीन सौवीं प्रस्तुति बनाते हुए



आज की पढ़ी रचनाओं मे से...


वो जो लड़की हिम्मती नही थी .....वो रोज निकलती हैं इस समाज में 
अपनी खोयी हुई हिम्मत तलाशने...
और एक बोल्ड लड़की बनने को...जिसको कोई दबा न सके..
जो किसी की गलत बात सुन के जवाब देने का हौसला  रखती हो


अज़ीब है ये जिंदगानी के ये पल 
कभी धूप तो कभी छांव बनकर ढले 
कभी सुख-दुख की लहरों में ये पले 
कभी लगे उजले निखरे से ये पल 
तो कभी सूने-सूने से लगे ये पल


इश्क़ में जीने वालों का जीना ही मत दुश्वार करो
हे ईश्वर! हम उश्शाक़ों का भी तो बेड़ा पार करो

लुत्फ़ भला क्या के मेरे शिक़्वे कर रहे रक़ीबों से
जितना भी करना है मुझसे ही मेरे सरकार करो

शान्तम सुखाय में.....भगीरथ कनकानी
आज न कोई चुहल ठिठोली न बाजे पायल रे
आते-जाते तुमको ढूंढूं घर,बाहर, अंगनाई रे।

फागुन आया रंग-रंगीला मन मेरा अकुलाए रे
हलवा,गुजिया और मिठाई तेरी याद दिलाए रे।


मेरा मन में...प्रीति सुराना
एक अरसे से मन में ख्वाहिश थी कि मैं स्थानीय साहित्य संस्थाओं से
जुड़कर एक काव्यगोष्ठी आयोजित करुं।ये सपना पूरा हुआ
जब बालाघाट से हिमांशु भैय्या का फ़ोन आया कि
मातृदिवस पर गोष्ठी का आयोजन वारासिवनी में करने का विचार है।
मैंने बिना सोचे तुरंत हां कर दी।


ये रही आज की मिश्रित रचनाओँ का अंश
आज्ञा दें
दिग्विजय







9 टिप्‍पणियां:

  1. पाँच सूत्रों के कारवाँ ने 300 अंक पर पहुँच कर एक और मील का पत्थर स्थापित किया सभी सूत्रधारों को बधाई और शुभकामनाएं कि इसी तरह हलचल चलती चली जाये और कई सैकड़ो को पार करते हुए।

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    उत्तर
    1. शुभ संधया....
      सर आभार आप का...
      आपने शायद हमारे द्वारा प्रस्तुत सभी अंक पढ़ें हैं...
      और टिप्पणी भी दी है....
      अगर आप जैसे नियमित पाठक हमे प्रेरणा न देते तो शायद हम 100 का आंकड़ा भी पूरा न कर पाते....
      हम तो चलते रहेंगे...
      अगर आप जैसे पाठक...
      साथ चलने का वादा करेंगे....
      पुनः सभी का आभार....

      हटाएं
  2. आपका बहुत ब‍हुत आभार मेरे ब्‍लॅाग को चुनने के लिए.........साथ ही आपके सराहनीय प्रयास को हार्दिक नमन एवं अनेकानेक शुभकामनाएं .....

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  3. शतक-तृतीया की शुभकामनायें !!!

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  4. आज के अंक की प्रस्तुति
    संजय जी को देनी थी
    वे व्यस्त हैं अपने भ्राता की शादी
    के लिए लड़की तलाशने में
    मिली-जुली रचनाओं को साथ भी
    ये अंक भी अच्छा ही बना है
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत बहुत धन्यवाद हमारे ब्लॉग को ये अवसर देने के लिए

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत बहुत धन्यवाद हमारे ब्लॉग को ये अवसर देने के लिए

    जवाब देंहटाएं
  7. सबकी पीठ थपथपाने की इच्छा हो आई ..... हम 300 का आंकड़ा पार कर जो लिए .... सामने होते तो न :)
    उम्दा प्रस्तुतिकरण बधाई

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  8. Na karte bhi 300 ank poore ho gaye, Aap ki nishtha, kartayebadhta , imandai aur yogyata ka parchand udarhun hai.Aap ka janoon kis poornata ki chhoota hai, yeh garv ki baat hogi ek Bhartiye naari ki vishaw bloggers ke patal por

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