सादर अभिवादन
देखिए रचनाएं....
राहुल गांधी लगातार 'छात्रों की गूँज' कार्यक्रम के जरिए नई पीढ़ी को आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में इसी पीढ़ी द्वारा किए गए आंदोलन के बाद देश के शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बावजूद दिल्ली विश्वविद्यालय में ABVP की जीत भाजपा को बहुत राहत देगी।
मेरी हर एक ज़रूरत मेरे गोपाल की है,
गिन के हर एक मुसीबत मेरे गोपाल की है.
झूलती अलकें अधर मन्द नयन कजरारे,
नील-वर्णी सी ये रंगत मेरे गोपाल की है.
"अच्छा, आप लोग जरा ये बताइए, ऐसी स्वतंत्रता और कहाँ मिलेगी, जहाँ दुनिया के किसी स्वतंत्र देश में 'स्वतंत्र' नामक गुण्डा टीव्ही पर खुले आम इंटरव्यू दे और पूरी दमदारी से कहे कि हाँ उसने एक ग़रीब आदमी का सिर फोड़ा, इसके बाद भी कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाया?"
दूसरा आदमी बोला -"हाँ,उसका यह भी कहना था कि उस स्वतंत्र देश के बड़े -बड़े ताकतवर लोग उसके बड़े भाई हैं और उनका आशीर्वाद हमेशा उसके साथ रहता है और अपराध करने के बाद भी इन ताकतवर लोगों के आशीर्वाद से ही आज वह आज़ाद घूम रहा था."
हर साल धोखा खाती है वह,
हर साल चली आती है बुलावे पर,
बस एक दिन की पूछ होती है,
फिर बेघर कर दिया जाता है उसे।
आकाश
एक वही अनंत आकाश
झरता है जिसमें से परम प्रकाश
वही आश्रय है हमारा
उपजे उसी से
उसी में समा जाएँगे
कुछ पल डोलेंगे यहाँ
इंद्रधनुष की तरह
देखते-देखते विलीन हो जाएंगे !
सादर समर्पित
वंदन


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