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गुरुवार, 13 अगस्त 2026

4833 ..भारत विकसित राष्ट्र है — संदेह करना राष्ट्र का अपमान है!

 


सादर अभिवादन

अब सिर्फ कहानी ही नहीं कविता भी
सादर आमंत्रित है
अगला अंक रविवार 16 अगस्त 26 को
इसके लिए रचना प्रेषण तिथि 14 अगस्त 26 तक बस दो दिन शेष
नया विषय है 
आजादी, स्वतंत्रता, उड़ान
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सरकार यदि दिन में दस बार विज्ञापन देकर बता रही है कि विकास हो रहा है, तो फिर विकास हो ही रहा है। आखिर विज्ञापन झूठ बोलने के लिए थोड़े ही बनाए जाते हैं! अगर टीवी पर नदी साफ़ दिख रही है, तो नदी साफ़ ही होगी। जो गंदगी देख रहे हैं, उन्हें शायद अपना चश्मा बदल लेना चाहिए।




पर्यटकों की भी अपनी आर्थिक हैसियत के हिसाब से अपनी-अपनी सीमाएँ हैं। निम्न-आय का पर्यटक अपने कन्धे पर झोला टाँगे अपनी जेब के हिसाब से ही सुविधाओं का उपभोग करने को लाचार है। स्थानीय स्तर की सुरक्षा सम्बन्धी कठिनाइयों का सबसे अधिक प्रहार उसे ही झेलना पड़ता है। कोरोना जैसी महामारी के समय पर्यटकों का फँस जाना अभी हम नहीं भूल पाए हैं। अमरीका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकवादीहमले ने तो अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन की रीढ़ ही तोड़ दी। पिछले दस बरसों में बाली, इज़रायल, केन्या, लॉस-एंजल्स ,मेसिको, मोरक्को, पेरू, ईरान और सउदी अरब के देशों के पर्यटन केन्द्र को तबाह कर के रख दिया।





मुर्दे गड़े उखाड़कर, कुछ ना आता हाथ ।
 बीती ताहि बिसार दे, तभी बनेगी बात ।।

सोते घोड़े बेचकर , किस्मत देते दोष ।
बैठे रोटी ना मिली, रहे भाग्य को कोस ।।





फरियाद अगर बहरों की अदालत में हो तो फिर
राजा के कान पर जोर-जोर से चिल्लाया जाता है।

हाथों में उनके हर वक्त राजीव हो जरूरी नहीं
जरूरत हो तो हरि द्वारा सुदर्शन भी उठाया जाता है।






तुम कहते हो, "यह हमारे कल के लिए है,"
स्वर्णिम भविष्य की इस क्रूर वेदी पर,
तुमने हमारे हँसते हुए आज को बलिदान किया
यह तो सफलता का अंतहीन मायाजाल है





अपने ही दुखाते दिल को 
दिल इतना भी ना पशेमाँ होता 

वक़्त सज तो सकता था 
बाहों में कोई तो आसमाँ होता 

सादर समर्पित
सादर वंदन

8 टिप्‍पणियां:

  1. कल मैे ही रहूंगा
    परसों मैं फिर आपके सन्मुख रहूँगा
    रविवार को रवीन्द्र जा लघुकथा अंक लेकर आएंगे
    वंदन

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  2. इस सुंदर संकलन का हार्दिक आभारम

    जवाब देंहटाएं
  3. सुप्रभात! पठनीय रचनाओं का सुंदर संयोजन

    जवाब देंहटाएं
  4. वाह ...क्या खूब हैं सारे पोस्ट... द‍िग्व‍िजय जी बहुत धन्यवाद इतना खूबसूरत संकलन पढ़वाने के ल‍िए

    जवाब देंहटाएं
  5. सभी रचनाएं बहुत ही उत्कृष्ट एवं पठनीय । मेरी रचना को स्थान देने हेतु तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार ।

    जवाब देंहटाएं

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