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शनिवार, 27 जून 2026

4786 और वही इसका पहला अपराध था।

सादर अभिवादन 


कल मोहर्रम का उत्सव हो गया
रचनाएं




न्याय दिलाएं मित्र को अपने बाली वध का काज करें ,
मित्रता का समस्त विश्व में सर्वश्रेष्ठ प्रमाण हैं .

सिया हरण का सबक सिखाने रावण का संहार करें ,
अखिल जगत में राम नारी का इसलिए अभिमान हैं .







युद्ध विराम
ढोल का शोर
भगोड़ा का बजाया—

अमराई में
तोता का कलरव—
युद्ध विराम





“अरे, हम काहे नहीं जा पाएंगे ! हम तो ज़रूर जाएंगे बिटिया के जन्मदिन पर ! हमें तो वहाँ की दाल बाटी, चूरमा, खीर सभी बहुत पसंद आती हैं! तुमसे कौन बोला हम नहीं जाएंगे !” दादी हैरान थीं ! 

“नहीं अम्माँ, वहाँ तुमको कैसे पता चलेगा कि खाना बनाने वाले की और परसने खिलाने वाली की जात कौन सी है ! कहीं तुम्हारा धरम भ्रष्ट हो गया तो क्या होगा !”





माया हर्फों की जहां सारा
‘चुप’ में वह रब बसा होता है

 करीब वही है सबसे उसके
 दिल में जिसके फना होता है




अक्सर मैं
अपने घर के बाहर
पत्र-पेटी में
एक कोरा काग़ज़ डाल देता हूँ।

फिर
चाभी से उसे खोलता हूँ,
जैसे डाकिया
अभी-अभी तुम्हारा ख़त छोड़ गया हो।




सादर समर्पित
सादर वंदन 


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