---

बुधवार, 15 अप्रैल 2026

4713..नूतन वर्ष फले-फूले

।।भोर वंदन।।
बुधवारिय प्रस्तुति कुछ इस तरह से है आप सभी जरूर नजर डाले 
इन पंक्तियो के साथ 
ओ आस्था के अरुण!
हाँक ला
उस ज्वलन्त के घोड़े।
खूँद डालने दे
तीखी आलोक-कशा के तले तिलमिलाते पैरों को
नभ का कच्चा आंगन!

बढ़ आ, जयी!
सम्भाल चक्रमण्डल यह अपना..!!
अज्ञेय
-----




फसल कटी है !

खुशी की घङी है !

बहुत दिनों बाद

भूले सुर आए याद..
-----


कल दोपहर नन्हा और सोनू असम की यात्रा समाप्त होने से तीन दिन पहले ही वापस आ गये। कल शाम सोनू की कोविड की रिपोर्ट पॉज़िटिव आयी है, नन्हे को भी सिर में दर्द था। पूरी दुनिया में कोरोना का नया वेरियेंट ओमिक्रॉन बुरी तरह फैल रहा है। प्रतिदिन लाखों लोग इससे संक्रमित हो रहे हैं। अब दस दिन तक पुन: उन्हें बिना मेड और कुक के रहना होगा। आज सुबह नींद देर से खुली।सुबह पानी पीकर, तैयार होने के लिए जल्दी में सीढ़ियों से ऊपर आते समय नूना की चप्पल अटक गई और बायें घुटने में हल्की चोट लग गई। जून ने बहुत ..

------
व्यक्ति


इतना भरा भी नहीं कि..
-------
एक मुद्दत पहले,गीली मिट्टी की 

नर्म देह पर..

टूटी सीपियों और बिखरे शंखों के बीच


घुटनों के बल झुककर

मैंने तुम्हारा नाम लिखा था

अपनी तर्जनी की नोक से..
-----


और मैं उसे ही भूल जाता हूँ।

उसे रहता है 

किस फ़ंक्शन में

मैंने किस रंग की शर्ट पहनी थी,

किस पल

मैंने भीड़ में

किस लड़की को ज़रा ज़्यादा ..
----
।।इति शम ।।
धन्यवाद 
पम्मी सिंह ' तृप्ति '..✍️

6 टिप्‍पणियां:

  1. ताबड़-तोड़ श्रम
    का नतीजा है
    इतना सुंदर अंक
    वंदन

    जवाब देंहटाएं
  2. सुप्रभात ! सुन्दर संकलन ।बेहतरीन संकलन में सम्मिलित करने हेतु हार्दिक आभार ।

    जवाब देंहटाएं
  3. सुंदर प्रस्तुति। सार्थक अंक।

    जवाब देंहटाएं
  4. सुप्रभात! पठनीय लिंक्स का सुंदर संयोजन, आभार पम्मी जी!

    जवाब देंहटाएं
  5. भावपूर्ण लेखन के तार जोङता अंक । इस घूमर की एक कङी नमस्ते को बनाने के लिए अत्यंत आभार । भावना में पगी रचनाओं के लिए सभी रचनाकारों का स्नेहिल अभिवादन और आभार। नमस्कार।

    जवाब देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।