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गुरुवार, 17 फ़रवरी 2022

3307...पात-पात बसंत रंग छाय...

शीर्षक पंक्ति:आदरणीया दीदी कुसुम कोठारी जी की रचना से।  

सादर अभिवादन।

गुरुवारीय अंक में पाँच लिंकों के साथ हाज़िर हूँ-

आत्म मंथन

फिर रिक्तता  नहीं रहती जीवन में

जब जीवन के अंतिम पड़ाव पर ठहरते

या होते अपनों से दूर उन्हें याद करते

यादों में सब धूमते रहते आसपास |

आया बसंत हरि आओ ना

सतरंगी मौसम सुरभित

पात-पात बसंत रंग छाय

गोप गोपियाँ सुध बिसराय

सुनादो मुरली मधुर धुन आय

हरि आओ ना।

जंगली गुलाब ...

देर तक सोचता हूँ, फिर पूछता हूँ खुद से
क्या मेरा भी प्रेम-आकाश है ... ? 
कब, कहाँ, कैसे, किसने बुना ...
पर उगे तो हैं, फूल भी नागफनी भी
क्यों ...

 सब कुछ सौंप दिया है तुझको

सब कुछ सौंप दिया है तुझको

अगन, पवन, जल और धरा में,

किस आकर्षण ने बाँधा है

डोले सुख-दुःख, मरण-जरा में

किस मिट्टी से बना है मेरा भारत ?

पर क्या वसीयत में मिला गौरव मात्र है देश की पहचान ?

क्या केवल कला, स्थापत्य, काव्य से ही होगा देश का सम्मान ?

क्या आर्थिक बल से मिली प्रतिष्ठा ही प्रयोजन एकमात्र ?

या नुक्ताचीनी, विरोध, हङताल, धरना ही है समाधान ?

क्या अवसरवादिता से ही बना रहेगा मेरा भारत महान ?

आत्महत्याएं

कुछ आत्महत्याओं में

सच्चाई के पर्चें

नहीं खोले जाते हैं

हत्यारे के नाम पर

हमेशा कफन पड़ा रहता है

*****

आज बस यहीं तक 

फिर मिलेंगे आगामी रविवार। 

रवीन्द्र सिंह यादव 

 

12 टिप्‍पणियां:

  1. कुछ आत्महत्याओं में
    सच्चाई के पर्चें
    नहीं खोले जाते हैं
    हत्यारे के नाम पर
    हमेशा कफन पड़ा रहता है
    बहुत खूब
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  2. सुप्रभात
    आभार सहित धन्यवाद रवीन्द्र जी मेरी रचना को ओचित स्थान देने के लिए आज के अंक में |

    जवाब देंहटाएं
  3. भावभीनी हलचल
    आभार मेरी रचना को जगह देने के लिए …

    जवाब देंहटाएं
  4. मन की तहों को टटोलती रचनाएँ ।
    हृदय तल से आभार रवीन्द्र जी,
    इनक बीच जगह देने के लिए ।
    नमस्ते ।

    जवाब देंहटाएं
  5. सुंदर पठनीय रचनाओं से सजी हलचल, आभार मुझे भी आज के अंक में शामिल करने हेतु!

    जवाब देंहटाएं
  6. मेरी रचना को स्थान देने के लिए आभार बढ़िया संकलन

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत सुंदर प्रस्तुति।
    मेरी रचना की पंक्ति को शीर्ष पर रखने के लिए अभिभूत हूं मैं हृदय से आभार ।
    सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई, सभी रचनाएं पठनीय सुंदर।
    मेरी रचना को चर्चा में स्थान देने के लिए हृदय से आभार।
    सादर सस्नेह।

    जवाब देंहटाएं
  8. बेहतरीन प्रस्तुति ।।सभी लिंक्स पढ़ आये 🙏🙏🙏

    जवाब देंहटाएं
  9. आपका पोस्ट काफी अच्छा हैं sir

    जवाब देंहटाएं

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