---

बुधवार, 25 नवंबर 2020

1956...आदमी क्यों बौना हुआ है..

 ।। भोर वंदन ।।

हो रहा सुन्दर सबेरा।

लहलहाए खेत श्यामल,

पवन लेकर चला परिमल,

आ रहा आलोक खग सा —

छोड़ सपनों का बसेरा..!!

मन्नूलाल द्विवेदी 'शील'

बदलते मौसम की दस्तक के साथ 
एहतियात बरतने की जिम्मेदारी भी बढ़ती जा रही है,
चलिये इसी जद्दोजहद के बीच कुछ पल बिताते हैं चुनिंदा लिंकों पर...

🔅🔅



स्वप्न मेरे..जगमग बुलंदियों पे ही ठहरे नहीं हैं हम ...

बहला रहे हो झूठ से पगले नहीं हैं हम.

बोलो न बात जोर से बहरे नहीं हैं हम.

हमसे जो खेलना हो संभल कर ही खेलना,

शतरंज पे फरेब के मोहरे नहीं हैं हम.

 

सोने सी लग रही हैं ये सरसों की बालियाँ

🔅🔅



अपना-अपना आसमान

पसीने से लथपथ 

बूढ़ा लकड़हारा 

पेड़ काट रहा है

शजर की शाख़ पर 

तार-तार होता ..

🔅🔅



  मन पाए विश्राम जहाँ...आदमी

 कली क्या करती है फूल बनने के लिए

विशालकाय हाथी ने क्या किया

निज आकार हेतु

व्हेल तैरती है जल में टनों भार लिए

वृक्ष छूने लगते हैं गगन अनायास

आदमी क्यों बौना हुआ है

शांति का झण्डा उठाए

युद्ध की रणभेरी बजाता है


🔅🔅


 जिज्ञासा की जिज्ञासा ... 

एक मिनट की क़ीमत (माँ बेटे का संवाद )

बंद कमरे में घंटों गेम खेलने के बाद,

अचानक एक तेज़ अवाज़ आई ।

दरवाज़ा पीटते हुए माँ,

ग़ुस्से में ज़ोर से चिल्लाई ।।

मैं भी अपने को सच साबित करते हुए,

उतनी ही ज़ोर से चिल्लाया ।

🔅🔅

ब्लॉग कमल उपाध्याय की अफ़वाह...

दाऊद लौटेगा भारत - कहा पैंसठ साल का और सीनियर सिटीजन होने के कारण
पुलिस उसे नहीं पकड़ सकती

दाऊद इब्राहिम ने एक पत्र लिखकर
भारत सरकार से अपने भारत आने के फैसले के बारे में संज्ञान करवाया है।
दाऊद इब्राहिम का मानना है कि कागजी कार्यवाही पूरी होते - होते
वो पैंसठ साल का हो जाएगा और केंद्र के साथ - साथ
राज्यों के नियमों में भी वो वरिष्ठ नागरिक की मान्यता प्राप्त कर लेगा।
दाऊद का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से
उन्होंने कई लोगों को कहता हुआ सुना है 

🔅🔅

।। इति शम ।।

धन्यवाद

पम्मी सिंह 'तृप्ति'...✍️

7 टिप्‍पणियां:

  1. बेहतरीन रचनाएँ..
    आभार..
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  2. आपका चयन और प्रस्तुति दोनो ही सराहनीय है पम्मी जी ..।मेरी कविता को चयनित करने के लिए हृदय से आपका आभार..।

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर रचना प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।