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शुक्रवार, 28 जून 2019

1442....मेरे राम को तुम बदनाम न करो

स्नेहिल नमस्कार
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कहते हैं भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता
सोच नहीं होती,सोच पर पहरा नहीं होता
 खीर-सेवईयाँ,गलबहियाँ भूला बैठे, अब
बिना आतिश के कोई ईद दशहरा नहीं होता

★★★★★★

बेनाम चेहरोंं की भीड़ सुनो
मेरे राम को तुम बदनाम न करो
धर्मांधता की तख़्ती पकड़ने वालों
मेरे राम का ऐसा नाम न करो
हैंं करुणानिधि करुणाकरण जो
उनके नाम पे क़त्लेआम न करो
#श्वेता

चलिए आज की रचनाएँ पढ़ते हैं 
★★★★★

आदरणीय विश्वमोहन जी
कुटिल कौम!कैसी फितरत!!


प्राण वायु निष्प्राण जान-सी,
मारे- मारे फिरती है।

वसुधा के वल्कल-वक्ष पर,

किरण आग-सी गिरती है।


पेड़ों की सूखी टहनी का,
डाल-डाल मुरझाता है।
और फुनगी का पात-पात,
मरघट मातम सुर गाता है।

★★★★★

आदरणीया सु-मन जी


वक़्त के हाशिये पर देता रहा दस्तक

अनचिन्हा कोई प्रश्न, उत्तर की तलाश में

कागज़ फड़फड़ाता रहा देर तक

बाद उसके, थोड़ा फट कर चुप हो गया


आठ पहरों में बँटकर चूर हुआ दिन
टोहता अपना ही कुछ हिस्सा वजूद की तलाश में

★★★★★★

आदरणीया मीना भारद्धाज जी

चातक जैसी  तृष्णा ले कर
बूंदों से घट भरना कब तक

बढ़ आगे हक अपना पा ले
छुईमुई सा बनना कब तक
★★★★★★
आदरणीया उर्मिला जी

हर तार दिल का जख्मी है यहाँ ,वीणा वादनी 
ताल सुर में गीत कैसे निकले,ख़ुदा जाने।

हर रोज सूरज निकलता कोरे पन्नों के संग है
नफ़रतों के दौर में मोहब्बत कैसे लिखे ख़ुदा जाने।

★★★★★
और चलते-चलते प्रियंका श्री

पर ये सब सिर्फ इसलिए क्योंकि स्त्री चुप रहती है उसे कमजोर समझ कर उसका हनन आसान समझ लिया जाता है पर अब नही अबकी न स्त्री कमजोर है न वासना की वस्तु उसका स्वयं का अस्तित्व है जिसको अब बनाये रखने का जिम्मा उसने खुद उठाया है बस अब समझने की बारी उस समाज के लोगो की है जो स्त्री की न में हाँ समझ लेते है जबकि उसकी न का मतलब ही न होता है।
★★★★★★
आज का यह अंक आपको
कैसा लगा?
आपकी बहुमूल्य प्रतिक्रिया की
सदैव प्रतीक्षा रहती है।

हमक़दम के विषय में


कल का अंक पढ़ना न भूले कल आ रही हैं
आदरणीया विभा दी अपनी विशेष प्रस्तुति के साथ।

#श्वेता सिन्हा

8 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात..
    बेहतरीन अंक..
    बिना आतिश के कोई ईद दशहरा नहीं होता
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  2. सुन्दर संकलन एवम हार्दिक धन्यावद

    जवाब देंहटाएं
  3. अत्यंत सामयिक एवं अर्थपूर्ण आमुख से अलंकृत रचना संसार।

    जवाब देंहटाएं
  4. बेहतरीन प्रस्तुति और बहुत सुन्दर प्रस्तावना ।

    जवाब देंहटाएं
  5. बेहतरीन रचनाओं का संकलन।

    जवाब देंहटाएं
  6. बेहतरीन रचनाओं का संकलन...हार्दिक धन्यावद

    जवाब देंहटाएं

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