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शनिवार, 23 मार्च 2019

1345.. शहीद



सभी को यथायोग्य
प्रणामाशीष

जिस तरह रचनाकारों के पसंद के राजनीतिक दल हो रहे हैं
अगर फौजियों सैनिकों के पसंद नापसंद होने लगे तो क्या होंगे
मन में आशंकाओं के उठते हुये बवंडर,
. दिल मायूसी में डूबा, जैसे कोई खंडहर
किसी भी अनहोनी को कर अस्वीकार,
दिमाग जा पहुँचा संभावनाओं के द्वार।
(कॉपी-पेस्ट)

शहीदों को नमन (कविता)


शहीद

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शहीद
Indian army

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शहीद




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फिर मिलेंगे...
><
हम-क़दम के
तिरसठवें अंक का विषय
वसन्त
उदाहरण..

अभी-अभी ही तो आया है 
मेरे वन में मृदुल वसन्त- 
अभी न होगा मेरा अन्त 

हरे-हरे ये पात, 
डालियाँ, कलियाँ कोमल गात! 
अपना उपनाम 'निराला' लिखते हैं

अंतिम तिथिः 23 मार्च 2019
प्रकाशन तिथिः 25 मार्च 2019
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8 टिप्‍पणियां:

  1. वाहह्हह... शहीदों का सादर नमन।
    उत्कृष्ट संकलन दी..हमेशा की तरह ताज़ातरीन रचनाओं का शानदार संयोजन।

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  2. शुभ प्रभात दीदी..
    सदा की तरह विषेशीकृत प्रस्तुति..
    सादर नमन..

    जवाब देंहटाएं
  3. सादर नमन..
    बढ़िया प्रस्तुति..
    सादर नमन दीदी..

    जवाब देंहटाएं
  4. शहीदों को शत शत वन्दन । बेहतरीन प्रस्तुति ।

    जवाब देंहटाएं
  5. मातृभूमि के इन अनमोल रत्नों को सादर नमन जो असमय फाँसी के फंदे पर झूल गए और विश्व इतिहास के पटल पर अपना नाम स्वर्णाक्षरों में अनंत काल के लिए अमिट कर गए ! सुन्दर रचनाओं का अनुपम संकलन !

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  6. बहुत सुंदर संकलन ,शहीदों को सादर नमन

    जवाब देंहटाएं

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