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सोमवार, 24 दिसंबर 2018

1256....हम-क़दम का पचासवाँ कदम..


शीशा है ज़िंदगी यारो
जैसी सूरत बनाओगे
वैसी ही तस्वीर पाओगे
जीना तो  है हर हाल में 
गम़ रोको हँसी की ढाल में
चुनना हो गर जीवनपथ पे
 अनदेखा कर के आँसू यारों
प्यारी-सी मुस्कान उठा लो
बच्चे,बूढ़े,जवान,स्त्री या पुरुष हर किसी के चेहरे पर सबसे
प्यारा लगता है मुस्कान का गहना।
तन का बहुमूल्य श्रृंगार जिससे व्यक्तित्व निखर जाता है जिसे
 देखकर सुखद अनुभूति होती है।
आपने कभी महसूस किया है प्रकृति की मुस्कान,
फूल,तितली,पेड़,बादल ,झरने,बारिश,धूप
हवाएँ,चिड़िया, सब मुस्कुराते है और
जगत में प्राण की संजीवनी 
प्रवाहित करते हैं।
मन अगर उदास हो तो किसी मासूम-सी
मुस्कान का जादू चल ही जाता है
इस बार हमक़दम के विषय 
मुस्कान का जादू
आप भी महसूस करिये।

सभी रचनाकारों का
अभिवादन करते हुये
आइये पढ़ते हैं हम सब
खूबसूरत , भावपूर्ण रचनाएँ
आदरणीया मीना जी की दो रचना

नहीं मिलता कोई माली

यहाँ जंगल के फूलों को !
नहीं करता क्षमा यह जग
कभी दूजे की भूलों को !
मगर नन्हा सा दीपक भी
अँधेरों से तो लड़ता है,
जगत के क्रूर भावों को,
दया के दान में बदलो !!!
किसी की आँख के.....





सपने जरूर देखो,

जी भर के जी लो जीवन...
हर रंग के सुमन से,
महके तुम्हारा जीवन...
हर हाल में कदम बस
आगे बढ़ाते रहना।।
तुम मुस्कुराते रहना,
और खिलखिलाते रहना,
बनकर गुलाब अपनी
खुशबू लुटाते रहना।।

★★★★★

आदरणीया कुसुम कोठारी जी

बिन मुस्कान रूप लगे
ज्यों कागज के फूल
देखन में सुंदर लगे
बिन सौरभ निर्मूल।

होठ बिन मुस्कान के
ज्यों बिना चाँद के व्योम
सूने सूने  हैं लगत
ज्यों बिना पात के द्रुम।
★★★★★
आदरणीया साधना वैद जी

यूँ तो ज़िंदगी
इतनी बेनूर, बेरंग और उबाऊ
हो गयी है कि ऐसी कोई वजह
मिलती ही नहीं कि अधरों पर
हल्की सी ही सही
कोई मुस्कान कभी आ जाए लेकिन
★★★★★★
आदरणीया आशा सक्सेना जी

मुस्कान बहुत मंहगी पड़ती
जब दिल से  दुआ न  निकलती
ना शब्दों का आदान प्रदान
केवल अधरों पर मुस्कान |
वह भी केवल दिखावे की
जैसी दिखाई देती वैसी है नहीं
मन से निकली आवाज नहीं
ना ही आत्मीयता  का प्रभाव |
★★★★
आदरणीया अनिता सैनी जी

दर्द - ए - जिंदगी  की  सौगात,   मिला  दर्द का  मुक़ाम, 
ग़मों  की  आड़  में   खिली,   अश्कों   की   मुस्कान ||


मुहब्बत  के  लिबास  में,  दर्द  -ए -ग़म   से   हुई   पहचान,
ग़मों  का  सितम  क्या  सितम ,  अश्कों  में  खिले  मुस्कान ||
★★★★★★
आदरणीया पुरुषोत्तम सिन्हा  जी
की दो रचनाएँ

सपना देखा था इक छोटा सा,
मुस्कुराऊँगा जीवन भर औरों की मुस्कान बनकर,
फूलों को मुरझाने ना दूंगा,
इन किसलय और कलियों में रंग भर दूंगा,
पर जानता ही नहीं था कि आते हैं पतझड़ भी,
उजड़ चाते हैं कभी बाग भी खिल जाने से पहले,
हम सपने ही रहे देखते, इस सच को कब जान सके।
★★★★★★★

हँसिए-हँसाइए, रूठिए मनाइए,
गाँठ सब खोलकर, जरा सा मुस्कुराइए,
गुदगुदाइए जरा खुद को भूल जाइए,
भरसक यूँ ही कभी, मन को भी सहलाइए,
जीने के ये चंद बहाने सीख जाइए......
★★★★★★★
आदरणीया अभिलाषा जी
मुस्कान"कितना प्यारा है ये शब्द।

 मनुष्य के व्यवहार का अनिवार्य अंग है

' मुस्कान'।मुस्कान के कई रूप होते हैं।

अलग-अलग अवसरों पर मुस्कान भी

अलग-अलग ही होती है।

सबसे मासूम और निश्छल मुस्कान होती

है,छोटे बच्चों की,एक पल में स्वर्गिक आनन्द
की प्राप्ति करा देती है।सारी थकान और
सारी परेशानी इस मुस्कान में तिरोहित हो
जाती है। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं और
बाहरी दुनिया से उनका सरोकार होता है,
★★★★★★
आदरणीया रेणु जी

  लौट आया है दोनों संग -
वो भुला सा बचपन मेरा ;
 निर्मल  मुस्कान से चहक उठा  -
ये सूना सा आँगन मेरा ;
एक शारदा - एक लक्ष्मी सी -
पा मेरी ममता इतराई है !
★★★★★★★
आदरणीय अनुराधा चौहान जी

एक रात एक कली खिली
भोर हुई तो फूल बनी
यौवन की दहलीज पर आकर
किसी के घर का नूर बनी
बनी किसी के गले का हार
चेहरे की मुस्कान बनी
भूल गई दर्द वो अपना
सबके दर्द की दवा बनी
★★★★★
चलते-चलते आदरणीय शशि जी

सोचता हूँ कि " मुस्कुराहट "और " प्रेम " में कितना प्रगाढ़ सम्बंध है । 
एक दूसरे के पूरक हैं ये दोनों , बिल्कुल दीया और बाती की तरह, 
एक के बिना दूसरे का अस्तित्व कहाँ। यदि चोट " दिल " पर लगती है, 
तो दर्द " मुस्कान " को होता है। अतः दिल दुरुस्त रहे ऐसा कोई " प्यार " चाहिए। अन्यथा मन का दीपक बुझा नहीं कि मुस्कान गायब ,  फिर कृतिमता मिलेगी , बनावट और सजावट मिलेगा । 
लेकिन मन की पुकार कुछ यूँ होगी-



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कृपया अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया
अवश्य प्रेषित करें।
हमक़दम का अगला विषय जानने के लिए
कल का अंक देखना न भूलें।

हर क्षण बदलता है
कैनवास जीवन का
कोरे पन्नों में रंग
मुस्कान का छिड़ककर
तस्वीरों को निखार दीजिए




14 टिप्‍पणियां:


  1. दर्द - ए - जिंदगी की सौगात, मिला दर्द का मुक़ाम,
    ग़मों की आड़ में खिली, अश्कों की मुस्कान ||

    मुस्कान के विविध रंगरूप को सभी रचनाकारों ने बेहद खूबसूरती से कागज के पन्ने पर उतारा है।
    वहीं आपने इन्हें उतनी ही सुंदरता से सजाया है। जिसमें मेरी भी एक विचार सामग्री शामिल है।
    जिसके लिये श्वेता जी हृदय से आपको आभार और सभी को प्रणाम।

    जवाब देंहटाएं
  2. प्रिय श्वेता, मुस्कुराहतों से भरा हुआ ये अंक मुबारक हो। आज अपने गाँव में हूँ और सुबह सुबह लिखने मैं बहुत ही आनन्द की अनुभुति हो रही है। सभी रचनाकार बधाई के पात्र है। सभी को सुप्रभात और ढ़ेरों शुभकामनाएं। ये मुस्कुराहटें सब की हमकदम रहें यही दुआ और कामना है। मेरी रचना को अंक का हिस्सा बनाया तहे दिल से आभारी हूँ। आपको हार्दिक बधाई और मेरा प्यार।

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  3. सुप्रभात श्वेता जी ! सुन्दर रचनाओं से सुसज्जित हलचल का आज का अंक देख कर मन प्रसन्न हो गया ! अपनी रचना यहाँ देख कर मुख पर मुस्कान भी पसर गयी ! सुबह सुबह हृदय की कली को प्रस्फुटित करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार श्वेता जी ! सभी रचनाकारों का हृदय से अभिनन्दन एवं सभीको हार्दिक शुभकामनाएं !

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  4. शुभ प्रभात सखी..
    अनदेखा कर के आँसू यारों
    प्यारी-सी मुस्कान उठा लो
    सुन्दर पंक्तियाँ...
    आभार
    सादर

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  5. शुभ-प्रभात सखी श्वेता
    इस अंक में मुस्कान से सुसज्जित रचनाओं
    को पढ़ कर बस यही कामना करती हूं कि
    ईश्वर सबके जीवन में मुस्कान बनाए रखें।
    सब हंसे-मुस्काराएं, जिंदगी का लुत्फ उठाएं
    आज की जिंदगी में यही मुश्किल से मिलता है,तनाव बस तनाव ही दिखाई देता है।
    सभी रचनाकारों को बधाई। बेहतरीन प्रस्तुति के लिए सहृदय आभार।

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  6. शुभ प्रभात श्वेता जी
    मुस्कान से सुसज्जित हमक़दम का शानदार संकलन 👌
    बेहतरीन रचनाएँ, सभी रचनकारों शुभकामनायें ,
    मेरी रचना को स्थान देने के लिए सह्रदय आभार
    सादर

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  7. बहुत सुंदर अंक बेहतरीन रचनाओं को पढ़ कर बहुत अच्छा लगा। सभी रचनाकारों को बहुत बहुत बधाई यह मुस्कान यूं ही खिली रहे बहुत बहुत आभार श्वेता जी मेरी रचना को हलचल प्रस्तुति में स्थान देने के लिए

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  8. सुप्रभात |मेरी रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद श्वेता जी |

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  9. वाह! हम-क़दम की अर्ध-शतकीय पारी का मनमोहक विषय अपनी खूबसूरती के रंग बिखेर रहा है. मुस्कान पर आये विभिन्न दृष्टिकोण सराहनीय हैं जो पाठक को प्रभावित करते हैं.
    सभी रचनाकारों को बधाई एवम् शुभकामनाएं.

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  10. बहुत सरस अंक! मोहक भुमिका और मुस्कान जैसा थकान को मिटाता स्फूर्ति देता विषय और उस पर रचनाकारों के शानदार प्रदर्शन, सभी रचनाएँ एक सुंदर आधार लिये सभी रचनाकारों को बधाई।
    मेरी रचना को शामिल करने के लिए तहे दिल से शुक्रिया।

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  11. लाजवाब प्रस्तुति के साथ सभी रचनाएँ बहुत ही खूबसूरती से मुस्कान बिखेर रही हैं....सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं...

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  12. अपने मंच पर मेरी रचनाओं को स्थान देकर उन्हें वृहद पाठकवर्ग तक पहुँचाने के लिए बहुत बहुत आभार प्रिय श्वेता। हम कदम का मुस्कुराता हुआ अर्धशतकीय अंक देखकर मन भावविभोर हो उठा है। सभी को हार्दिक बधाई।

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  13. सुप्रभात | इस बेहतरीन प्रस्तुति मे मेरी दो रचनाओं को भी शामिल करने के लिए धन्यवाद आदरणीया श्वेता जी |

    जवाब देंहटाएं

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