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शनिवार, 3 नवंबर 2018

1205.. पंकज सुबीर




एकल


पंकज सुबीर को 'राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान'. इस वर्ष का प्रतिष्ठित 'राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान' सीहोर के कहानीकार पंकज सुबीर को प्रदान किया गया


सभीको यथायोग्य
प्रणामाशीष
कल शाम ब्लॉग के बादशाह गज़ल गुरु पंकज सुबीर से भेंट हुई



पंकज
बहुमुखी प्रतिभा के धनी, हिन्दी ब्लॉग जगत के लोकप्रिय ग़ज़ल गुरू – माट्साब – पंकज सुबीर को उनके उपन्यास 'यह वो शहर तो नहीं' पर ज्ञानपीठ का नवलेखन पुरस्कार प्राप्त हुआ है


हम-क़दम का तैतालिसवाँ अंक
एक चित्र है इस बार
इसी चित्र को देखकर आपको कविता बनानी है
प्रेषण तिथिः 03 नवम्बर 2018
प्रकाशन तिथिः 05 नवम्बर 2018
रचनाएँ प्रारूप में ही आनी चाहिए

11 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात दीदी
    बेहतरीन प्रस्तुति..
    सादर...

    जवाब देंहटाएं
  2. पंकज सुबीर जी से परिचय करवाने के लिये आभार। सुन्दर प्रस्तुति।

    जवाब देंहटाएं
  3. पंकज सुबीर जी का विस्तृत परिचय बहुत अच्छा लगा।
    हमेशा की तरह बेहद सुंदर अंक दी।

    जवाब देंहटाएं
  4. सदैव की भांति अति सुंदर । कृपया हमकदम का प्रेषण लिंक साझा करें ।

    जवाब देंहटाएं
  5. अच्छा लगा सुबीर जी के बारे में जानकर

    जवाब देंहटाएं
  6. पंकज सुबीर के बारे में बहुत अच्छी जानकारी, हार्दिक बधाई उन्हें!

    जवाब देंहटाएं
  7. सादर आभार आपका आदरणीय "हमकदम" का लिंक साझा करने हेतु 🙏🙏

    जवाब देंहटाएं

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