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बुधवार, 26 जुलाई 2017

740.."हर चेहरे पर रुनाइयों का वो निखार" ..

ॐ  भानवे  नम: 


" सावन की फुहारें  
तीज का त्योहार



ठंडी- ठंडी बौछारों में पवन चले घनघोर 



पकड़ हरियाली की वार



झूलता है आज मेरा मन..

अरमानों के पंख सजा कर

भीग उठा   अंतरमन

दे जाती है..


"
 "हर चेहरे पर रुनाइयों का वो निखार" .. 



सभी को नमस्कार एवम् शुभेच्छा..

आज दिनांक २६ जुलाई २०१७  

आप सभी को हरियाली तीज की बधाइयां

आनेवाली पीढी को पर्व त्योहार से सम्बंधित जानकारी मिलती रहनी चाहिए..

सावन माह में मनाया जाने वाला हरियाली पर्व दंपतियों के वैवाहिक जीवन में 

समृद्धि, खुशी और तरक्की का प्रतीक है।

आज थोड़ी जल्दी  है

 तीज के कार्यक्रमों का आयोजन के साथ मेहंदी प्रतियोगिता,
.
साड़ीचुडी़ बांधने की प्रतियोगितानृत्य, झूला

और  इन सबसे उपर जलपान का आयोजन...
.
सजने सवरने की ....

इस पर तो महिलाओं का तो अधि...
  
(पूरी लिखने क्या जरूरत है..)

चलिए ये तो हुई त्योहारों की बातें..

अब लिंक पर गौर फरमाते है


ब्लॉग मेरी स्याही के रंग से मधुलिका पटेल द्वारा रचित खूबसूरत रचना...





धूप का टुकड़ा 

बहुत देर ठहरता है

उसे पता है

अब मुझे काफी देर 

यहीं वक़्त गुज़ारना है 

क्योंकि वह शाम की 

ढलती धूप जो होती है 

सुनिये मेरी भी.... ब्लॉग से प्रवीण जी रचना..




नया शहर है मेरे लिये, कल देर शाम यों ही एक्सप्लोर करने निकला, एक बड़ी, मात्र 



नमकीन की दुकान दिखी तो याद आया कि नमकीन



ब्लॉग उलूक टाइम्स  से  सुशील जोशी जी की कृति



तुझे अपनी

खींचनी हैं

लकीरें



मुझे अपनी

खींचने दे


ब्लॉग पराया देश से हृदयस्पर्शी कहानी

 

साध्यबेला. . . सुबह से तीन बार पढ़ चुके ईमेल पर एक बार

 पुनः देवव्रत की निगाहें दौड़ने लगी थीं. लिखा था- पापा, कल दीपक

 चाचा आए थे. उनसे पता चला, पिछले डेढ़ वर्ष से आपने अपने घर में एक 

पति-पत्नी को किराएदार के रूप में रखा हुआ है और वे दोनों

 आपका बहुत ख़्याल रखते हैं. आजकल समय बहुत ख़राब है

 पापा. ज़रा सोचिए, कोई

  ब्लॉग स्वप्न मेरे से दिगम्बर नासवा  जी द्वारा रचित


                                क्या सही क्या गलत ...
                         खराब घुटनों के साथ रोज़ चलते रहना
                     ज़िंदगी की जद्दोजहद नहीं दर्द है उम्र भर का ...
                एक ऐसा सफ़र  जहाँ मरना होता है रोज़ ज़िंदगी को ... ऐसे में ...
                            सही बताना क्या में सही हूँ



श्रृंगारित प्रकृति उत्सव की कामना  के 

साथ -साथ


शब्दों के समीक्षात्मक फुहारों से



 लिंक को भिगोते रहे ..



इति 


धन्यवाद
पम्मी 

17 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात
    हरियाली तीज की शुभ कामनाएँ
    उत्कृष्ट रचनाएँ
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  2. शुभ प्रभात सुंदर संकलन आभार आपका

    जवाब देंहटाएं
  3. शुभ प्रभात!
    हरियाली तीज पर हरियाली सा प्रतीत होता नयनाभिराम अंक। विविधतापूर्ण रचनाओं का सुन्दर संकलन। चयनित रचनाकारों को बधाई। सभी को हरियाली तीज की शुभकामनाऐं ! पम्मी जी को बधाई काव्यमय भूमिका के साथ प्रस्तुति पेश करने के लिए। आभार सादर।

    जवाब देंहटाएं
  4. शुभ प्रभात आदरणीय पम्मी जी
    बहुत ही उम्दा लिंक संजोये हैं आपने
    प्रस्तुति शानदार, मनमोहक
    आभार ,
    ''एकलव्य''

    जवाब देंहटाएं
  5. हरियाली तीज की शुभकामनायें ! सुंदर सूत्र संयोजन..बधाई !

    जवाब देंहटाएं
  6. सुन्दर हलचल आज की ...
    आभार मेरी रचना को स्थान देने का ....

    जवाब देंहटाएं
  7. आपको भी हरियाली तीज की शुभकामनाएँ पम्मी जी,
    उल्लासित मनभावन प्रस्तुति एवं सुंदर लिंको का संयोजन।
    बधाई स्वीकार करें।

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर हलचल प्रस्तुति ....

    जवाब देंहटाएं
  9. सुन्दर प्रस्तुति "हलचल"सुख समृद्धि से परिपूर्ण सावन और हरियाली तीज की ।

    जवाब देंहटाएं
  10. सुन्दर प्रस्तुती, सुन्दर लिंक्स ....

    जवाब देंहटाएं
  11. आभार पम्मी जी आज की सुन्दर हलचल प्रस्तुति के लिये और 'उलूक' के सूत्र को जगह देने के लिये भी।

    जवाब देंहटाएं
  12. बेहतरीन रचनाओं का संकलन ! पम्मीजी हरियाली तीज के पर्व पर सस्नेह सादर शुभकामनाएँ....

    जवाब देंहटाएं
  13. बहुत अच्छी प्रस्तुति हरियाली तीज पर.

    जवाब देंहटाएं
  14. बहुत सुन्दर संकलन उम्दा प्रस्तुतिकरण..

    जवाब देंहटाएं
  15. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.

    जवाब देंहटाएं

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