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गुरुवार, 26 मई 2016

315..मुझे पंख चाहिए वैसे पंख जो मन के पास होते हैं :)

सुप्रभात मैं संजय भास्कर कई दिनों बाद हाजिर हूँ कुछ चुने हुए लिनक्स के साथ....!

Sushma 'आहुति'




Darshan Jangara




महेन्द्र श्रीवास्तव




Anupama Tripathi




यह दरख्त ना छाँव देता है ना राहत ...!
उपासना सियाग
 


धीरेन्द्र सिंह भदौरिया 

रश्मि प्रभा
 

नीरज गोस्वामी
 


इसी के साथ ही आप सब मुझे इजाजत दीजिए अलविदा शुभकामनाएं फिर मिलेंगे अगले हफ्ते इसी दिन सादर अभिवादन स्वीकार करें

-- संजय भास्कर

4 टिप्‍पणियां:

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