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बुधवार, 2 मार्च 2016

229 अमीरों के घर का चमन है गरीबी

सुप्रभात
सादर प्रणाम
अब रविवार के साथ साथ बुधवार को भी
पांच लिंको का आनंद पर 
 आपका दोस्त विरम सिंह सुरावा
प्रस्तुत पांच लिंक 
आनंद लिजिए 

यथार्थ पर .....विक्रम जी
महज आँकड़ो का दमन है गरीबी 
अमीरों के घर का चमन है गरीबी
शोषण अशिक्षा को नमन है गरीबी
बीमारियों अभावों की सनम है गरीबी 

दबंगो डर है हनक है गरीबी 
यहाँ जुर्म की भी जनक गरीबी
नीति नियंता की सनक है गरीबी
नोटों की बढ़ती खनक है गरीबी


मेरी बूढ़ी माँ को मोतियाबिंद की शिकायत है
लेकिन उसकी आँखें अँधेरे में भी देख लेती हैं
जब मैं लेटता हूँ उसके बगल में
तो वो मुझे टटोलती है
जैसे ढूंढ रही हो अपनी कोई खोयी हुयी चीज़
और बिना कहे जान लेती है
कि मेरे पेट में दर्द है या सर में थोड़ा बुखार
मुझे पहचानने के लिए वो कोई
चश्मा भी नहीं लगाती
मुझे छू कर समझ लेती है कि मैं हूँ
सब कहते हैं
कि मेरी माँ अंधी है
लेकिन मैं कहता हूँ
कि हम सब अंधे हैं
अलाउदीन खिलजी द्वारा सारे उत्तरी भारत की आधीन कर लिए जाने से भारतीयों में निराशा आ गई थी । 1303 ई. में अलाउद्दीन ने चित्तौड़ जीत लिया था । इस देश की रक्षा के युद्ध में मेवाड़ के गुहिलवंश की वरिष्ठ शाखा जिसका राज्य चित्तौड़ पर था और जिसकी उपाधि रावल थी, का अन्त हो गया था ।
गुहिलवंश की कनिष्ठ शाखा जिसका राज्य हल्दीघाटी खमनौर के पास सिसौदा पर था और जिनकी उपाधि राणा थी के राणा लक्ष्मण सिंह भी अपने सात राजकुमारों सहित अलाउद्दीन की सेना से 1303 ई. में लड़कर काम आ गए थे । 

उड़ता था उन्मुक्त कभी जो नीले-नीले अम्बर में।
कैद हो गया आज सिकन्दर सोने के सुन्दर घर में।।

अपनी बोली भूल गया है,
मिट्ठू-मिट्ठू कहता है,
पिंजड़े में घुट-घुटकर जीता,
दारुण पीड़ा सहता है,
कृत्रिम झूला रास न आता, तोते को बन्दीघर में

कैद हो गया आज सिकन्दर सोने के सुन्दर घर में।।



लाइफस्टाइल पर
ठंडाई उतर भारत का एक विशेष पेय पदार्थ है। कुछ विशेष पर्व जैसे महा शिवरात्रि और होली में इसे विशेष रूप से लोग बनाकर पीते है। शिव जी इसे विशेष रूप से पसंद करते हैं इसलिए महा शिवरात्रि के दिन भक्त भोले बाबा को ठंडाई का भोग लगाते हैं। स्पेशल ठंडाई को गर्मी में पीने से ताज़गी मिलती है। यह लू और नकसीर जैसी समस्या से बचने में मददगार है।

अब दिजिए मुझे आज्ञा ।
 धन्यवाद 
 सादर विरम सिंह सुरावा

8 टिप्‍पणियां:

  1. आभार मेरी रचना को स्थान देने के लिये।

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  2. आभार मेरी रचना को स्थान देने के लिये।

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  3. बहुत बढ़िया संतुलित हलचल प्रस्तुति हेतु आभार!

    जवाब देंहटाएं

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