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बुधवार, 19 अगस्त 2026

4839..अनवरत यात्रा

 ।।प्रातःवंदन।।

एक किरण आई छाई,

दुनिया में ज्योति निराली,

रंगी सुनहरे रंग में

पत्ती-पत्ती डाली डाली।

एक किरण आई लाई,

पूरब में सुखद सवेरा,

हुई दिशाएं लाल

लाल हो गया धरा का घेरा।

एक किरण बन तुम भी

फैला दो दुनिया में जीवन..!!

सोहनलाल द्विवेदी

बुधवारिय प्रस्तुति में पढिए..

जन-जन का मन भी प्रज्ज्वल हो 



नीले नभ में देख तिरंगा  

हर भारतवासी को गर्व है, 

वीरों के बलिदानों से ही 

आया आज़ादी का पर्व है !..

✨️

फ़ितरत

अनवरत यात्रा है,

यह जिंदगी हर पल।

नई आदतों के बनने और

पुरानी आदतों के ढहने की ।

जमती जाती हैं हर,

परवर्ती परत-दर-परत।

✨️

तुम ही तो हो....

एक लड़की है...

जो हर पाँच मिनट में कुछ न कुछ भूल जाती है,

कभी फ़ोन कहाँ रखा, कभी चश्मा कहाँ छोड़ा,

कभी खुद ही पूछकर अपना सवाल तक भूल जाती है।

✨️

इसलिए नहीं आ सका

याद तो आई थी माँ

अपने जन्मदिन पर 

तुझे याद कर मेरी 

आँख भी भर आई थी,

जब यारों ने बाज़ार से लाकर 

रेडीमेड केक खिलाया था..

✨️

अच्छा जिसका नसीब होता है, दोस्त उसके करीब होता है,

जो साथ हँसता और रोता है, सच्चा दोस्त वही होता है, 

राह में पड़ते हो काँटे अगर, हटा के उन्हें फूल वो बोता है

दिल गर कभी उदास हो तो, साथ अपना भी चैन खोता है,

✨️

।।इति शम।।

धन्यवाद 

पम्मी सिंह ' तृप्‍ति '..✍️



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