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सोमवार, 16 मार्च 2026

4683 ..विश्व कीर्तिमान की ओर बढ़ते कदम

 सादर अभिवादन 

आज भी भाई रवीन्द्र जी नहीं हैं
बिना किसी लाग-लपेट के
रचनाएं देखें



चंगों को;
नंगों को;
बनावटी भिखमंगों को,
कभी भी मत दान करो





विश्व कीर्तिमान की ओर बढ़ते कदम
​12 फीट 8 इंच की यह विशालकाय तुलसी संभवतः दुनिया की सबसे ऊँची तुलसी है। इस प्रामाणिक माप के आधार पर अब हम इस अद्वितीय उपलब्धि को 'लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और 
'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में दर्ज कराने हेतु शीघ्र ही आधिकारिक आवेदन प्रस्तुत करने जा रहे हैं।
​सफलता का मंत्र: रसायनों को 'ना' और प्रकृति को 'हाँ'





ओ कान्हा! तू बाँसुरी की मीठी धुन,
रोज सुनाया कर मुझको।

आग की लपटें जब भी घेरें,
 शीतल कर आया कर मुझको।

लहराते तूफानों का शोर दबा,
 मधुर बनाया कर मुझको।





रविवार  की सुबह सुहानी 
बुला रही है घर को आओ !

 कर्मयोगी आधुनिक युग के 
कह सकते हैं जिन्हें तपस्वी, 
 न खाने की सुध न निद्रा का
 निश्चित रहा समय है कोई !

सादर समर्पित
सादर वंदन

6 टिप्‍पणियां:

  1. तरोताज़ा करने वाली रचनाओं के लेखन और चयन के लिए बधाइयाँ ! अच्छा महसूस हो रहा है ! धन्यवाद।

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  2. सुप्रभात! विविधरंगी रचनाओं का सुंदर संयोजन, 'मन पाये विश्राम जहां' को स्थान देने हेतु आभार !

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति में मेरी ब्लॉग पोस्ट सम्मिलित करने हेतु आभार

    जवाब देंहटाएं

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