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बुधवार, 21 जनवरी 2026

4629..मैं सूर्य हूँ..

 ।।प्रातःवंदन।।

"मैं चलते-चलते  

इतना थक गया हूँ,  

चल नहीं सकता  

मगर मैं सूर्य हूँ,  

संध्या से पहले  

ढल नहीं सकता  " 

 कुँअर बेचैन

जीवन की गतिशीलता और इस पर विचार व्यक्त का इससे सुंदर भावपूर्ण रूप और क्या हो सकता, साथ ही प्रस्तुतिकरण पर नजर जरूर डाले..✍️

इश्क़ में तेरे फनकार बन करने लगी शायरी सनम

जो बिन बोले गुफ्त़गू कीं ऑंखों से ऑंखों ने सनम 

और तुम मुस्कुराये हर ज़ख्म का इलाज़ हो गया है ।


जब से तुझको नज़र भर कर देखी हैं ऑंखें सनम 

आशिकों की तरह आशिकाना मिज़ाज हो गया है  

इश्क़ में तेरे डूबी जिस्म से रूह में समा गये सनम 

दुनिया कहती है मेरा दीवानों सा अंदाज़ हो गया है ।

✨️

और पपीहा गाएगा

है अंधेरा तो उजाला भी 

यहां पर आयेगा

यह मयूरा वन के भीतर 

इस तरह हर्षायेगा 

जिंदगानी लेगी करवट ..

✨️

इसे वो पढ़ें जो हर वक्त कहते हैं क‍ि ''क्या करें...फुरसत ही नहीं म‍िल रही''....

पहले ऊपर का च‍ित्र देख‍िए फ‍िर पढ़‍िए आज की ये पोस्ट...ये उनके ल‍िए है जो हर..

✨️

घड़ी

  घड़ी सिर्फ़ समय नहीं बताती,

वह चेतावनी भी देती है।

आंखें दिखाती है,

बार-बार,

बिना चिल्लाए ।

मगर हम हैं कि..

✨️

फिल्म समीक्षाः मानवीय संबंधों पर बनी बेहतरीन फिल्म केडी

इन दिनों मुझे तमिल फिल्में देखने का चस्का लग गया है. बेशक, दक्षिण भारतीय फिल्मों में पर लाउड होने का आरोप लगता है और ज्यादातर मामलों में सही हो होता है. पर अब हिंदी फिल्में लाउड हो रही हैं और ज्यादातर हिंदी फिल्मों में कथानक गुम हो रहा है...

✨️

।।इति शम।।

धन्यवाद 

पम्मी सिंह 'तृप्‍ति'..✍️

3 टिप्‍पणियां:

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