।।प्रातःवंदन।।
औज़ारों और मशीनों के पास
नहीं होते—
अपने दिमाग़,
दिल और विवेक।
वे अनभिज्ञ रहते हैं परिणाम से,
चलते हैं संकेतों पर— नेपथ्य से।
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दिन, दोपहर और
उजाले से परे
कभी -कभी
अंधेरे का होना
घने कोहरे का होना
और एकांत का कोना..
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सरला के घर में आज किटी पार्टी थी! सुबह से सरला घर की साफ़ सफाई, व्यवस्था और साज-सज्जा में व्यस्त थी! किटी की 20 महिला मित्रों के बैठने की व्यवस्था, जल पान का प्रबंध और बीच में खेले जाने..
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दोस्ती शर्तों पर ,वफ़ा शर्तों पर
पी रहे हैं जैसे कोई अज़ाब शर्तों पर
चलता तो है हर कोई दिल से
दिल है या है कोई मजाक शर्तों पर .
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फ़िल्मों के आदर्शवादी धर्मेन्द्र
कुछ सप्ताह पहले फ़िल्म अभिनेता धर्मेन्द्र की मृत्यु हुई थी। उन्होंने बहुत सी फ़िल्मों में भिन्न तरह के किरदार निभाये थे। वह फ़िल्मों में कई बार आदर्शवादी व्यक्ति, विषेशकर लेखक या कवि के रूप में
।।इति शम।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह ' तृप्ति '..✍️
सुन्दर संकलन
जवाब देंहटाएंसुंदर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंवाह ! सुन्दर सूत्रों से सजी आज की हलचल ! मेरी लघुकथा को इसमें स्थान मिला आपका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आभार पम्मी जी ! सप्रेम वन्दे !
जवाब देंहटाएंधर्मेन्द्र वाले मेरे आलेख को 5 लिंकों में स्थान देने के लिए पम्मी जी को धन्यवाद
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत धन्यवाद पम्मी जी
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