पाँच लिंकों का आनन्द

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मंगलवार, 20 जून 2017

704....घर का ‘उलूक’ किस लिये बिना सबूत नया नया रो रहा होता है

सादर अभिवादन...
अभी-अभी फोन आया भाई कुलदीप जी का
उनका नेट कोमा में चला गया है...
इन पंक्तियों के लिखने तक इलाज
जारी है..शायद देर रात तक होश आ जाएगा
फिर...अंक तो प्रकाशित होना ही है
सो..प्रस्तुत है त्वरित प्रस्तुति.....

ये वक्त भी नूर को 
बेनूर बना देता है।
छोटे से जख्म को 
नासूर बना देता है।

बहलाया मन को तूने इस तन से,
जीर्ण खिलौने से अब, क्या लेना और क्या देना?
बदलेंगे ये मौसम रंग बदलेगा ये तन,
बदलते मौसम में तू चुन लेना इक नया खिलौना।

“गोपाल दास जी बुरा मत मानना मैंने आपको पहले भी समझाया था गरीबो की आह मत लो पर आपने नहीं मानी आज अपने बच्चे बेगानों की तरह पेश आ रहे हैं. क्या फायदा हुआ उन पैसों का? मैं तो आज भी आपसे निवेदन करती हूं कि आज से ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लो कि रिश्वत के खिलाफ़ आज के युवा पीढ़ी को आप जागरूक करेंगे. ऐसा करके देखिये आपको कितना सुकून मिलेगा.”

झर गई दीवारें
खिड़की दरवाजों के किस्से हवा हुए
मिट्टी मिट्टी आंगन धूल में तब्दील हो गया
पर अभी सूखा नहीं कोने में लगा बबूल
कैसे मान लूं की रिश्ता टूट गया

फिर तुझे सोच लिया हो जैसे 
तार बिजली का छुआ हो जैसे 

धड़कनें तेज़ हुई जाती हैं 
कोई ज़ीने पे चढ़ा हो जैसे 

‘उलूक’ 
बहुत ही गंदी 
आदत होती है 
तेरे जैसे 
कहने वालों की 
बहुत सा 
बहुत अच्छा 
रोज ही जब 
अखबारों में 
रोज ही हो 
रहा होता है । 

आज्ञा दें दिग्विजय को
सादर..




10 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात....
    जल्दबाजी में भी सटीक चयन
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. शुभप्रभात आदरणीय, दिग्विजय जी
    त्वरित किन्तु उम्दा ! लिंक संयोजन
    अच्छी रचनाओं का संकलन
    आभार।
    "एकलव्य"

    उत्तर देंहटाएं
  3. कारवाँ चलता रहे। सुन्दर प्रस्तुति। आभार 'उलूक' का जगह देने के लिये।

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुंदर लिंकों का चयन, बहुत सुंदर प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  5. आदरणीय दिग्विजय जी की त्वरित प्रस्तुति काबिले तारीफ है। वैचारिक मंथन के लिए माकूल सामग्री जुटाई है आपने। सादर आभार। शुभ प्रभात।

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुन्दर प्रस्तुति एवं उम्दा लिंक संयोजन..

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत ही सुन्दर लिंक संयोजन....

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति.

    उत्तर देंहटाएं
  9. सटीक हलचल ... आभार मुझे शामिल करने का ...

    उत्तर देंहटाएं
  10. मुझे शामिल करने हेतु आभार।।।।

    उत्तर देंहटाएं

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