पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद एक और निवेदन आप सभी से आदरपूर्वक अनुरोध है कि 'पांच लिंकों का आनंद' के अगले विशेषांक हेतु अपनी अथवा अपने पसंद के किसी भी रचनाकार की रचनाओं का लिंक हमें आगामी रविवार तक प्रेषित करें। आप हमें ई -मेल इस पते पर करें dhruvsinghvns@gmail.com तो आइये एक कारवां बनायें। एक मंच,सशक्त मंच ! सादर

समर्थक

शुक्रवार, 27 जनवरी 2017

560....बधाई है बधाई है बधाई है बधाई है

बधाई है, बधाई है, बधाई है, बधाई है
आप सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई है
सादर अभिवादन स्वीकारें

आइए चलें मिली-जुली रचनाओं की ओर...

आया है गणतंत्र का, शुभ दिन देखो आज
दुल्हन सी दिल्ली सजी, हर्षित सकल समाज !

इतिहास के अध्याय में
क्रांति वीर से ही शान है
स्वार्थ लोलुप सभ्यता से
रो उठा अभिमान है.

आज़ादी की सांस सुखद
बसंत सा एहसास निराला ,
कैसे दीवाने आज़ादी के अपने 
जीये बस वे हमारे सपने
खुद विषपान किये ,
थमा गए हमें अमृत  प्याला……

पहचान कर भी, मुझसे वे अनजान बनते हैं,
मतलब निकल पड़े तो, मुझे भाईजान कहते हैं,
जानता हूँ इस तरह के लोगों को बहुत ख़ूब
रंग बदलने ये गिरगिट को भी शर्मसार करते हैं। 

जमाने में शराफ़त की शिकायत भी लगी होने
जलालत की इसी हरकत से नफ़रत और बढ़ती है

फ़िजा महफ़ूज़ होगी तब कटे ना जब शज़र कोई
हवा में ताज़गी रहती तो सेहत और बढ़ती है

मज़दूर औरत की पीठ पर
बंधा बच्चा, होती है
ज़िन्दगी
अधपर ही झूलना
है जिसकी नियति
संदिग्ध मगर बेख़ौफ़ !

पर्व खुशियों के मनाने का बहाना है 
डोर उमंगो की बढाओ गीत गाना है  

घुल रही है फिर हवा में गंध सौंधी सी 
मौज मस्ती स्वाद का उत्सव मनाना है

शरम की 
बात नहीं 
बेशर्मी नहीं 
बेहयाई नहीं 
‘उलूक’ की 
चमड़ी 
खुजली 
वाली है 
खुजलाई है 

आज्ञा दें दिग्विजय को फिर मिलेंगे
सादर













13 टिप्‍पणियां:

  1. सादर नमन
    सही व सटीक रचनाएँ
    आभार

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुप्रभात सुंदर संकलन आभार आपका

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुप्रभात सुंदर संकलन आभार आपका

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर सूत्रों का चयन किया है आपने आज ! मेरी प्रस्तुति को भी शामिल करने के लिए आपका हृदय से आभार दिग्विजय जी ! धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति दिग्विजय जी ।आभार 'उलूक' के सूत्र 'बधाई' को शीर्षक देने के लिये ।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुन्दर हलचल प्रस्तुति ...

    उत्तर देंहटाएं
  7. सुंदर लिंकों के साथ सुन्दर हलचल।

    उत्तर देंहटाएं
  8. पांच लिंकों का आनंद " में मेरी को जगह देने के लिये धन्यवाद सर

    उत्तर देंहटाएं
  9. पांच लिंकों का आनंद " में मेरी रचना को जगह देने के लिये धन्यवाद सर

    उत्तर देंहटाएं
  10. पांच लिंकों का आनंद " में मेरी रचना को जगह देने के लिये धन्यवाद !!

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...