पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद एक और निवेदन आप सभी से आदरपूर्वक अनुरोध है कि 'पांच लिंकों का आनंद' के अगले विशेषांक हेतु अपनी अथवा अपने पसंद के किसी भी रचनाकार की रचनाओं का लिंक हमें आगामी रविवार तक प्रेषित करें। आप हमें ई -मेल इस पते पर करें dhruvsinghvns@gmail.com तो आइये एक कारवां बनायें। एक मंच,सशक्त मंच ! सादर

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गुरुवार, 17 नवंबर 2016

489...सुना करते थे बड़ों से कभी हम भी,मगर अब रक्षकों से ही लुटे

सादर अभिवादन
भाई कुलदीप जी का कम्प्यूटर आज
बनने के आतुर है
अगले सभी अंक लगातार
वे ही देंगे

आज मेरी पसंद......

















आज मैं आराम से बैठी थी
अचानक एक मैसेज आया
भाई कुलदीप जी की प्रस्तुति बना दीजिएगा
चलिए पढ़ा हुआ काम ही आया
चलती हूँ
आज्ञा दें
य़शोदा





7 टिप्‍पणियां:

  1. आपके काम को नमन
    हडबडी में भी गडबडी नहीं होती है

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  2. bahut sundar links hai kuldeep ji anand aa gaya , abhar evm hardik badhai

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत उम्दा प्रस्तुति, मेरी रचना को स्थान देने के लिए शुक्रिया

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत उम्दा प्रस्तुति, मेरी रचना को स्थान देने के लिए शुक्रिया

    उत्तर देंहटाएं
  5. रचना को स्थान देने के लिए आपका आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बड़े ही खूबसूरत सूत्रों का चयन किया है आज आपने ! मेरी रचना को सम्मिलित करने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार यशोदा जी !

    उत्तर देंहटाएं

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