पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद

समर्थक

सोमवार, 31 अक्तूबर 2016

472...स्वर्ण-पंख वाली करधनियाँ पहन लीं मुँडेरों ने

आज ही असली दीवाली..
हार्दिक शुभ कामनाएँ
आज गोवर्धन पूजा भी है
भगवान को छप्पन भोग लग रहा है

बिना देर किए चलिए चले चुनी हुई रचनाओं की ओर...

मावस है स्वर्ण-पंख वाली
करधनियाँ पहन लीं मुँडेरों ने


यादें......मीना भारद्वाज
सुरमई सांझ, सोने सी थाली सा ढलता सूरज
तरह-तरह की आकृतियों से उड़ते पंछी
घरों से उठता धुँआ,
चूल्हों पे सिकती रोटियों की महक
गलियों में खेलते बच्चे
माँ की डाँट, खाने की मीठी मनुहार


तो ऐ दीये ...........अमृता तन्मय
तुम्हारे हृदय में भी
आग तो सुलगती होगी
चेतना की चिंगारी
अपने चरम को
छूना चाहती होगी



आत्मज्योति से मने दिवाली.....भारती दास
अंधकार का ह्रदय चीरकर
दीये जले हैं प्रेम से भरकर
सघन निशा को तार-तार कर
फैला प्रकाश पंख को पसारकर.


तुम्हारे नाम.......गिरिजा कुलश्रेष्ठ
द्वार-देहरी जलता जो ,
हर दीप तुम्हारे नाम है .
अन्तर्मन से निकला जो ,
हर गीत तुम्हारे नाम है .

आज्ञा दे दें यशोदा को
बिना देरी किए,,
सादर

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति यशोदा जी । सभी को गोवर्धन की शुभकामनाएं ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. शुभप्रभात...
    सुंदर प्रस्तुति...

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुन्दर दीपमय हलचल प्रस्तुति
    आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  4. शुभ प्रभात!सुन्दर प्रस्तुतीकरण।

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...