पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद

समर्थक

सोमवार, 24 अक्तूबर 2016

465.........हिम्मत कर छाप

सादर अभिवादन

अभी समय किसी के पास नहीं है
सब फरमाईशें पूरी करने व करवाने में लगे हैं

आज की मेरी पसंद की रचनाएँ...

लिख देती हूँ.......प्रतिभा स्वाति
आप लिखें वेदना 
और... बिचारा पाठक 
वाह -वाह कर जाता है !
दोष उसका नहीं ,वो 
शिष्टाचार निभाता है !



दिल जो  जलेगा जिन्दगी भर
इच्छाएं रह जाएगी आँखों में
खून खोलेगा मजबूरियों पर
दर्द में होगा बदन, और 
होकर वास्तविकता से रूबरू
होगा इस सफर का अंत.



बिटिया चिंता मुक्त है, रक्षित घर की सींव
प्रहरी भी निश्चिन्त लख, नव नीड़ों की नींव

सेना के संकल्प का, बिटिया रखती मान
देते सैनिक हौसला, छुटकी भरे उड़ान 


चिरनिद्रा सी जीवन तम में,
विराज रही जाने किस भ्रम में!
इक आहट जो होश में लाये,
भयाक्रांत, व्याकुल कर जाए।  
जो क्षण सत्य का भान कराये,


हँसते हुए पति को देख नार मुस्काई
तनखा तेरी बढ़ी नहिं, मुस्कान कहाँ से आई
जा मुस्कान कहाँ से आई, पूछे नार मुंह पिचकाय
आज हंसे तो हंसे भले, आगे अब नै हंसी आए


चार साल पहले 

को
बता कर 
स्पैम
रिपोर्ट 
फटाफट
कर दी 
जायेगी
पोस्ट 
तुरन्त
डीलिट कर
सूचना 
प्रसारित
की जायेगी

आज्ञा दें यशोदा को

4 टिप्‍पणियां:

  1. बढ़िया सूत्रों के साथ पेश आज की हलचल में 'उलूक' के अखबार की पुरानी एक खबर 'हिम्मत कर छाप'को फिर से दिखाने के लिये आभार यशोदा जी ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुन्दर हलचल प्रस्तुति हेतु आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  3. वंदना राम सिंह की कविता सुन्दर है. छुटकी की उड़ान में ही देश की उड़ान है.

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...