पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद

समर्थक

बुधवार, 11 मई 2016

अंक 299 में आज ग़ज़ल ही ग़ज़ल

सादर अभिवादन..
आज के इस अंक में
कुछ खास तो है
ग़ज़ल ही ग़ज़ल

तो ...चलिए चलें..



चश्म तर थे पर लड़े भी ख़ूब थे
याद है क्या हम मिले भी ख़ूब थे

मंज़िले उल्फ़त रही हमसे जुदा
गो के उस जानिब चले भी ख़ूब थे


छतरी लगा के घर से निकलने लगे हैं हम 
अब कितने एहतियात से चलने लगे हैं हम 

हो जाते हैं उदास कि जब दो-पहर के बाद 
सूरज पुकारता है कि ढलने लगे हैं हम 


कैद से आज़ाद कर के यूँ हवा ले आयेगा !
वक़्त का घोड़ा पता तूफ़ान का ले आयेगा !

है सिकंदर शेर  फिलवक्त ,इसको कट जाने तो दें ,
पर्वतों में रास्ता ,खुद फासला ले आयेगा.


जितना बड़ा है क़द तेरा, उतना अज़ीम है,
ऐ पेड़! तू भी राम है, तू भी रहीम है.

ईमान दार लोगों के, ज़ानों पे रख के सर,
बे खटके सो रहे हो, ये अक़्ले सलीम है.


मन में फुदक फुदक फुदकने वाली चिरई भाग गई 
अब की आई ऐसी गरमी कि बालम चिरई भाग गई 

जाती रहती थी पहले भी इस आंगन से उस आंगन
लेकिन अब की आंगन छोड़ कर जंगल भाग गई 


दिल से उसके जाने कैसा बैर निकला 
जिससे अपनापन मिला वो ग़ैर निकला 

था करम उस पर ख़ुदा का इसलिए ही 
डूबता वो शख़्स कैसा तैर निकला 

और एक ग़ज़ल..जो  कि फिल्मी है
जिसे सुनना पड़ेगा..
आज्ञा दें..
यशोदा






6 टिप्‍पणियां:

  1. तीसरे सैकड़े की ओर अग्रसर हलचल । बहुत सुन्दर प्रस्तुति ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. दिल से उसके जाने कैसा बैर निकला
    जिससे अपनापन मिला वो ग़ैर निकला

    उम्दा

    उत्तर देंहटाएं
  3. शुभप्रभात...
    सुंदर संकलन।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत बढ़िया हलचल प्रस्तुति हेतु आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  5. Khubsoorat tarashe links, Dhanyewad 1 Dayanand Pande ji ka andaze byan vartman ghatnao ki anubhhoti

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...