पाँच लिंकों का आनन्द

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मंगलवार, 23 फ़रवरी 2016

221...इंसान तब तक सलामत है जब तक वो परिवार से जुड़ा है .

जय मां हाटेशवरी...

एक कब्र पर लिखा था…
“किस को क्या इलज़ाम दूं दोस्तो…,
जिन्दगी में सताने वाले भी अपने थे,
और दफनाने वाले
भी अपने थे..
अब देखिये मंगलवारीय प्रस्तुति में...
मेरी पसंद....
पत्थर तब तक सलामत है
जब तक वो पर्वत से जुड़ा है .
पत्ता तब तक सलामत है
जब तक वो पेड़ से जुड़ा है .
इंसान तब तक सलामत है
जब तक वो परिवार से जुड़ा है .
क्योंकि परिवार से अलग होकर आज़ादी तो मिल
जाती है
लेकिन संस्कार चले जाते हैं ..


नहीं अट पायेगी मेरी कविता.......--Amrita Tanmay 
लिखती रहती हूँ प्रेम की कविता
कभी आधा बित्ता कभी एक बित्ता
कभी कोरे पन्नों को
कह देती हूँ कि भर लो
जो तुम्हारे मन में आए -
भावुकता , आत्मीयता , सरलता , सुन्दरता
या भर लो विलासिता भरी व्याकुलता
या फिर कोई भी मधुरता भरी मूर्खता .....


विंड मि‍ल्‍स और मैं.....--रश्मि शर्मा
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 वि‍ंड मि‍ल्‍स के तले
तेज हवाओं से बचाने को
जब भरती थी मुट्ठि‍यों में
अपने ही केश
एक हाथ बि‍खेर देता था सब
जैसे
धूप में खि‍लखि‍लाहट भर
कि‍सी ने लपेटा है मुझको


वो इक हादसा भूलना चाहता हूँ ...--Digamber Naswa
में दीपक हूँ मुझको खुले में ही रखना
में तूफ़ान से जूझना चाहता हूँ
कहो दुश्मनों से चलें चाल अपनी
में हर दाव अब खेलना चाहता हूँ



रविकर गिरगिट एक से, रहे बदलते रंग
खिले गुलाबी ख़ुशी मन, हो सफ़ेद जब दंग |
हो सफ़ेद जब दंग, रचे रचना गड़बड़ सी |
झड़े हरेरी सकल, होय गर बहसा-बहसी |
बदन क्रोध से लाल, हुआ पीला तन डरकर |


देखना/ दिखना/ दिखाना/ कुछ नहीं में से सब कुछ निकाल कर ले आना (जादू)--सुशील कुमार जोशी
s320/Gandhari_explains_to_Dhritrashtra
किसने क्या देखा
क्या बताया
इस सब को
उधाड़ना बंद कर
उधड़े फटे को
रफू करना सीख
कब तक अपनी
आँख से खुद
ही देखता रहेगा



देख समय की चाल " दोहावली--सरिता भाटिया
देख समय की चाल को,खुद को लेना ढाल।
बहक कहीं जाना नहीं, यह दुनिया जंजाल ।।
नस नस में फैला जहर ,देख समय की चाल।
कंकर हो तो ढूंढ ले, काली सारी दाल ।।

अनुमति देंं
कुलदीप



   











   

6 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर सूत्र संयोजन । आभार कुलदीप जी 'उलूक' के सूत्र 'देखना/ दिखना/ दिखाना/ कुछ नहीं में से सब कुछ निकाल कर ले आना (जादू)' को भी स्थान देने के लिये ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुंदर रचना संसार .... आभार मुझे भी शामिल करने का ...

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुप्रभात
    सुन्दर रचना । सुन्दर लिंको का संयोजन

    उत्तर देंहटाएं
  4. प्राप्त आनंद के लिए हार्दिक आभार ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुंदर रचनाएं...मेरी रचना शामि‍ल करने के लि‍ए आभार

    उत्तर देंहटाएं

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