पाँच लिंकों का आनन्द

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शनिवार, 12 दिसंबर 2015

ख़ुशी से ख़ुशी


सभी को यथायोग्य
प्रणामाशीष

अंगद पांव सा हो
मन कहीं पर रहे डिगेगा नहीं


  मैं तो होली मना लूँगा सच मानिये
    तुम दिवाली बनोगी ये आभास दो,
    मैं तुम्हें सौंप दूँगा तुम्हारी धरा
    तुम मुझे मेरे पँखों को आकाश दो


बिलसपुरिहा करिया मोटर में भरा के


गाँव से जो मेहमान आते थे , वे सारे के सारे नौकरी क़ी तलाश में नहीं आते थे |
कुछ सामाजिक जिम्मेदारियाँ भी होती थी | जैसे कि - शादी |
हाँ, काफी लोग अपने जवान लड़के या लड़कियों की शादी लगाने आया करते थे |
ऐसा नहीं था कि बाबूजी को इन मामलों के लिए उनके जैसे फुर्सत हो |
ज्यादा से ज्यादा वे राय दे सकते थे और उनकी राय काफी मायने रखती थी,
क्योंकि वे काफी पढ़े लिखे थे और महाविद्यालय के प्राचार्य थे ,


सवाल

मन का सवाल मन में ही लिए
सात साल का सार्थक ,बे मन से
अपना होमवर्क पूरा करने में लग गया
शायद माँ भी इस सवाल का जबाब नहीं जानती थी


मातहतों पर मेरहबानी

मातहतों को लाभ पहुँचाने के क्रम में सरकार द्वारा योग्यता
और अनुभव को दरकिनार किया जा रहा है।
 इस तरह की अगर एकाध घटना होती तो
 शायद इसे संयोग माना जा सकता था।
मगर पिछले कुछ महीनोंकी गतिविधियों पर नजर डालें तो
साफ तौर पर प्रतीत होता है कि विभिन्न शैक्षणिक एवं
 सांस्कृतिकसस्थानों पर सत्ता समर्पित लोगों की नियुक्तियों का दौर चल रहा है।


तेज दिमाग की चाहत है


जामुन
में एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुरता में हैं जो याददाश्त
तेज रखने में मदद करते हैं और एकाग्रता बढ़ाते हैं।


हँसना आ गया


मैंने उनसे हँसी भी माँगी,
थोड़ी उनसे ख़ुशी भी माँगी,
खुश था मुझको ख़ुशी वो देकर,
ख़ुशी से ख़ुशी भी आ गयी।


हम बलात्कार विरोधी नहीं हैं !


सभ्य-समाज के श्री मुख से लेकर देश के प्रधानमंत्री (याद कीजिये की 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के उद्घाटन पर उन्होंने कहा था की जब बेटी पैदा हो तो 5 पेड़ लगाओ जिससे उसके दहेज़ का ख़र्च निकला जा सके) तक चीख़ - चीख़  के यही तो कह रहे हैं हम महिलाओं से, शायद हम ही सुन नहीं पा रही हैं की 'वापिस लौट जाओ घर के कोने में, वरना हम दुनिया से लौटा देंगे'.






फिर मिलेंगे ..... तब तक के लिए
आखरी सलाम

विभा रानी श्रीवास्तव


4 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात दीदी
    सादर नमन
    मन का सवाल मन में ही लिए
    सात साल का सार्थक ,बे मन से
    अपना होमवर्क पूरा करने में लग गया
    शायद माँ भी इस सवाल का जबाब नहीं जानती थी
    उत्तम प्रस्तुति
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. शुभप्रभात...
    सुंदर संकलन...
    आभार...

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत बढ़िया लिंक-सह हलचल प्रस्तुति हेतु आभार!

    उत्तर देंहटाएं

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