पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद

समर्थक

शुक्रवार, 7 अगस्त 2015

कभी न कभी याद आया तो ज़रूर होगा.....बीसवां अंक

सादर अभिवादन,,,,
आजकल कुछ मौसम बदल सा रहा है
लोग अब कम्प्यूटर व लैपटॉप छोड़..
मोबाईल की सुविधा का उपयोग कर रहे हैे
और लाचारी भी प्रकट कर रहे हैं
कि मोबाईल से लिंक नहीं खुलता...

रुका हुआ है वो रास्ता आज भी है वहां
ठहरे थे साथ तुम्हारे हम, एक पल जहां..

चलिए चलें अपनी मंजिल की ओर...



लाचारी
फिर कहा उसने कि मैंडम जी गैस की छोटी टंकी है हमारे पास, 
वो खतम हो गई है ...अभी किसी से स्टोव मांग कर लेते हैं 
और उसपर खाना बनाना पड़ता है ...बहुत परेशानी हो रही है... 
दो दिन से मेरी तबियत भी ठीक नहीं लग रही सिर दुखता है,
बुखार जैसा भी लगता है .......
कहते-कहते उसकी आँखें नम हो गई .... 
जिसे वो छिपाने की कोशिश कर रही थी ....


आज ठान ले आलस तज कर,
जीवन-कला की कहती ज्वाला-
'कर्मयोग' का पथ चलना है,
सुधि में भी औ' परे सुध-कारा!


मैं भी तेरे जैसा हूँ 
तेरे समझ में 
भी आयेगा और 
कहने के साथ साथ 
धुन में रहना 
दूसरे को भी 
समझा पायेगा । 


मांगने पर भी  मिल न पाया 
ऐसा कुछ छूटा हुआ 
बिछड़ा हुआ 
कभी न कभी 
याद आया तो 
ज़रूर होगा !!


ये ही पीड़ा हृदय में रहेगी सदा,
लेखनी दर्द इनका लिखेगी सदा,
इनकी ससुराल है बेड़ियों की तरह।
बेटियाँ पल रही कैदियों की तरह।।


भाई मयंक जी का प्रतिक्रिया का डिब्बा
नहीं खुला आज...शायद नेट की धीमी गति
की वजह होगी...

बारिश लगातार जारी है...
ऐसे में कुछ तो हो....??

आज्ञा दीजिए यशोदा को














 

5 टिप्‍पणियां:

  1. अभी अभी शुरु हुआ
    बीसवेंं तक पहुँच गया ।
    सुंदर प्रस्तुति और 'उलूक' का आभार भी सूत्र 'अपनी धुन में रहता हूँ मैं भी तेरे जैसा हूँ' को जगह दी आपने यशोदा जी।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत बढ़िया लिंक्स संयोजन, सुंदर प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  3. वाह, मेरा मन पसंद गीत..सुंदर सूत्र संयोजन..

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...