पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

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शनिवार, 29 अगस्त 2015

रक्षा बन्धन की बहुत बहुत बधाई




एक बहना का
यथायोग्य सभी को प्रणामाशीष



राखी के सम्बन्ध में अनेक कथा कहानी हम सबने पढ़ी सुनी है
आज भी कुछ पढ़ लिख लें

एक सूता जो बांधे सुत को सुता
निहाल जनित्री

पंखुरी की लेखनी

बड़ी बहना
माँ स्वरूपा
सम-उम्र बहना
सखी अनुरागी
छोटी बहना
प्यार लुटाती
समय पड़ने पर
रक्षा करती

अवनीश की लेखनी

आस की प्यास
एक हौसले की थपकी की
मैं हूँ न

श्याम जी की लेखनी

कानून से मिला हक़
धन का बंटवारा
नहीं करती संवेदनशील बहना
मइके के मिट्टी से स्नेह जोहती

अर्चना जी की लेखनी

साल में एक दिन
बहनों के लिए
समय क्यों नहीं
निकल पाता भाइयों का

चण्डीदत्त जी की लेखनी


फिर मिलेंगे ....... तब तक के लिए
आखरी सलाम


7 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात दीदी
    बहुत ही शानदार प्रासंगिक प्रस्तुति
    सभी रचनाएँ उत्कृष्ट हैं
    सादर..

    उत्तर देंहटाएं
  2. शुभ प्रणाम दीदी
    जन्म दिवस पर
    बहुत सारी
    शुभकामनाएँ
    सादर चरणस्पर्श
    यशोदा

    उत्तर देंहटाएं
  3. रक्षाबंधन और जन्म दिन दोनो की ढेर सारी बधाई और शुभकामनाऐं । सुंदर प्रस्तुति ।

    उत्तर देंहटाएं

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